Correct Answer: (b) सत्यप्रकाश मिश्र
Solution:"यह नाटक इस अर्थ में समकालीन नाटक है कि यह किसी भी समय के अन्याय, अनाचार, भ्रष्टाचार, विवेक शून्यता और मनमानेपन पर रोशनी डालता है। इस प्रहसन मे व्यंग्य के माध्यम से जो कुछ भी कहा गया है।, उतना ही अधिक कहने की गुंजाइश भी है।" अंधेर नगरी नाटक के संबंध में यह कथन आलोचक सत्य प्रकाश मिश्र का है। अंधेर नगरी नाटक के लेखक भारतेन्दु हरिश्चन्द्र है। इस नाटक का प्रकाशन 1881 ई. में हुआ था। इनके अन्य नाटक हैं- वैदिकी हिंसा हिंसा न भवति, विषस्य विषमौषधम, प्रेम जोगिनी, भारत दुर्दशा, नीलदेवी, सतीप्रताप आदि ।