NTA यू.जी.सी. नेट जेआरएफ परीक्षा, दिसम्बर-2023 (हिन्दी)

Total Questions: 100

31. 'आमुख' के अनुसार कामायनी की कथा सृष्टि में जयशंकर प्रसाद ने किन पुस्तकों से सहायता प्राप्त की थी?

(A) मुंडक उपनिषद
(B) कठोपनिषद
(C) शतपथ ब्राह्मण
(D) छांदोग्य उपनिषद्
(E) ऋग्वेद
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए :

Correct Answer: (c) केवल (C), (D), (E)
Solution:'आमुख' के अनुसार कामायनी की कथा-सृष्टि में जयशंकर प्रसाद ने शतपथ ब्राह्मण छांदोग्य उपनिषद तथा ऋग्वेद आदि पुस्तकों से सहायता प्राप्त की थी। कामायनी हिन्दी भाषा का महाकाव्य है। यह छायावादी युग का सर्वोत्तम और प्रतिनिधि महाकाव्य है। कामायनी में 15 सर्ग है। जिसमें प्रथम सर्ग चिंता तथा अंतिम संर्ग आनन्द है। इनकी अन्य रचानाएँ हैं उर्वशी, प्रेमपथिक, कानन कुसुम, चित्राधार, झरना, आँसू, लहर आदि।

32. सूची-I से सूची-II का मिलान कीजिए:

सूची-I (बच्चन की आत्मकथा)सूची-II (खंड)
A.बसेरे से दूरI.खंड I
B.नीड़ का निर्माण फिरII.खंड II
C.दशद्वार से सोपान तकIII.खंड III
D.क्या भूलूँ क्या याद करूँIV.खंड IV

नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए:

Correct Answer: (c) (A)-(III), (B)-(II), (C)-(IV), (D)-(I)
Solution:सूची-I से सूची-II का सही मिलान निम्न है-
सूची-I (बच्चन की आत्मकथा)सूची-II (खण्ड)प्रकाशन वर्ष
क्या भूलूँ क्या याद करूँखंड- I1969 ई.
नीड़ का निर्माण फिरखंड- II1970 ई.
बसेरे से दूर,खंड- III1978 ई.
दशद्वार से सोपान तकखंड- IV1985 ई.

33. 'भारत खंडामृत' और 'आबेहयात' नामक कॉलम से हिन्दी उर्दू का पत्र किसने निकाला?

Correct Answer: (b) पं. वंशीधर
Solution:'भारत खंडामृत' और 'आबेहयात' नामक कालम से हिन्दी उर्दू का पत्र पं. वंशीधर ने निकाला। ये अवधी भाषा के कवि एवं स्वतंत्रता सेनानी थे। इन्होने 'कदम-कदम बढ़ाये जा, उठ जाग मुसाफिर भोर भई' आदि चर्चित गीतों की रचना की।

34. ब्रह्म समाज के बारे में उपयुक्त कथन नहीं है:

(A) ब्रह्म समाज की अंतर्वस्तु मूलतः सामंतवाद और उपनिवेशवाद समर्थक थी।
(B) ब्रह्म समाज मूर्तिपूजा, छुआछूत, जातिप्रथा और धार्मिक कट्टरता का विरोधी था।
(C) देवेंद्रनाथ ठाकुर और केशवचंद्र सेन ने ब्रह्म समाज को सक्रिय बनाए रखने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाई।
(D) ब्रह्म समाज की स्थापना 1882 में हुई।
(E) ब्रह्म समाज पुनर्विवाह का समर्थन नहीं करता था।
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए :

Correct Answer: (b) केवल (A), (D), (E)
Solution:ब्रह्म समाज के बारे में निम्न कथन सही नहीं हैं-
(1) ब्रह्म समाज की अंतर्वस्तु मूलतः सामंतवाद और उपनिवेशवाद समर्थक थी।
(2) ब्रह्म समाज की स्थापना 1882 में हुई।
(3) ब्रह्म समाज पुनर्विवाह का समर्थन नहीं करता था।
ब्रह्म समाज के बारे में सही कथन है-
(i) ब्रह्म समाज की स्थापना राजा राममोहन राय ने की थी।
(ii) ब्रह्म समाज की स्थापना 1828 में हुई।
(iii) ब्रह्म समाज पुनर्विवाह का समर्थन करता था।
(iv) देवेन्द्र नाथ ठाकुर और केशवचंद सेन ने ब्रह्म समाज को सक्रिय बनाये रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

35. "इन्सान जिन्दा किसलिए रहता है - क्या उसे कोई और बेहतर काम करने को नहीं मिला"- यह कथन 'परिंदे' कहानी के किस पात्र का है?

Correct Answer: (b) डॉ. मुकर्जी
Solution:"इन्सान जिन्दा किस लिए रहता है- क्या उसे कोई और बेहतर काम करने को नहीं मिला।" यह परिन्दे कहानी के पात्र डॉ. मुकर्जी का है। परिन्दे कहानी के लेखक निर्मल वर्मा हैं। इस कहानी के प्रमुख पात्र है- मिसवुड, बर्ट, लतिका, सुधा, जूली आदि। इनकी अन्य कहानियाँ हैं- जलती झाड़ी, पिछली गमियों में, बीच बहस में, कव्वे और कालापानी आदि।

36. सूची-I से सूची-II का मिलान कीजिए:

सूची-Iसंतति ('धरतीधन न अपना' के पात्र)सूची-IIमाँ
A. लच्छोI. जस्सो
B. जीतूII. हुकमा
C. ज्ञानोIII. प्रीतो
D. दलीपाIV. निहाली

नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए :

Correct Answer: (b) (A)-(III), (B)-(IV), (C)-(I), (D)-(II)
Solution:सूची-I से सूची-II का सही मिलान है-
सूची-Iसंतति ('धरतीधन न अपना' के पात्र)सूची-IIमाँ
लच्छोप्रीतो
जीतूनिहाली
ज्ञानोजस्सो
दलीपाहुकमा

→ जगदीशचन्द्र द्वारा लिखित उपन्यास 'धरती धन न अपना' 1972 ई. में प्रकाशित हुआ था। इस उपन्यास में जगदीशचन्द्र ने पंजाब के दोआब क्षेत्र के दलित जीवन की त्रासदी को चित्रित किया है। मुख्य गांव से बहिष्कृत बस्ती चमादड़ी में बसने वाली चमार जाति के असहनीय पीड़ा को लेखक ने यथार्थ की भूमि पर प्रस्तुत किया है।
इनके अन्य प्रमुख उपन्यास हैं यादों का पहाड़, आधापुल, कभी न छोड़ें खेत, टुंडा लाट, घास गोदाम, लाट की वापसी आदि।

37. राहुल सांकृत्यायन ने 'हिन्दी काव्य धारा' की भूमिका में आदिकाल के किस कवि को हिन्दी का सबसे बड़ा कवि माना है?

Correct Answer: (b) स्वयंभू
Solution:राहुल सांकृत्यायन ने 'हिन्दी काव्य धारा' की भूमिका में आदिकाल के कवि स्वयंभू को सबसे बड़ा कवि माना है तथा 'सरहपा' को हिन्दी का प्रथम कवि माना है। राहुल सांकृत्यायन प्रमुखतः यात्रा साहित्यकार है। इनके प्रमुख यात्रा वृत्त हैं मेरी जीवन यात्रा, मेरी लद्दाख यात्रा, किन्नर देश में, रुस में पच्चीस मास, यूरोप यात्रा आदि।

38. 'गोदान' के अनुसार वीमेन्स लीग द्वारा आयोजित कार्यक्रम में मेहता जी के भाषण में व्यक्त विचारों का प्रतिवाद करने वाले पात्र का नाम है:

Correct Answer: (d) सरोज
Solution:'गोदान' के अनुसार वीमेन्स लीग द्वारा आयोजित कार्यक्रम में मेहता जी के भाषण में व्यक्त विचारो का प्रतिवाद करने वाले पात्र का नाम 'सरोज' है।

'गोदान' उपन्यास के लेखक प्रेमचन्द है। गोदान उपन्यास के प्रमुख पात्र हैं- राय साहब, मिर्जासाहब, होरी, धनिया, हीरा, गोबर, झुनिया, दातादीन आदि।

39. 'तमस' उपन्यास में हरनामसिंह और बंतो को अपने घर में पनाह देने वाली स्त्री है:

Correct Answer: (b) रमज़ान की माँ राजो
Solution:

'तमस' उपन्यास में हरनाम सिंह और बंतो को अपने घर में पनाह देने वाली स्त्री रमजान की माँ राजो है। 'तमस' भीष्म साहनी का प्रसिद्ध उपन्यास है। इसका प्रकाशन 1973 ई. में हुआ था। तमस को 1975 में साहित्य अकादमी पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। इस उपन्यास पर 1986 ई. में गोविंद निहलानी ने दूरदर्शन धारावाहिक तथा एक फिल्म भी बनाई थी। इनके अन्य उपन्यास हैं- झरोखे, कड़ियाँ, बसंती, कुंतो, मय्यादास की माड़ी आदि।

40. "यह नाटक इस अर्थ में समकालीन नाटक है कि यह किसी भी समय के अन्याय, अनाचार, भ्रष्टाचार, विवेक शून्यता और मनमानेपन पर रोशनी डालता है। इस प्रहसन में व्यंग्य के माध्यम से जो कुछ भी कहा गया है, उनता ही अधिक कहने की गुंजाइश भी है।" - 'अंधेर नगरी' नाटक के संबंध में यह कथन किस आलोचक का है?

Correct Answer: (b) सत्यप्रकाश मिश्र
Solution:"यह नाटक इस अर्थ में समकालीन नाटक है कि यह किसी भी समय के अन्याय, अनाचार, भ्रष्टाचार, विवेक शून्यता और मनमानेपन पर रोशनी डालता है। इस प्रहसन मे व्यंग्य के माध्यम से जो कुछ भी कहा गया है।, उतना ही अधिक कहने की गुंजाइश भी है।" अंधेर नगरी नाटक के संबंध में यह कथन आलोचक सत्य प्रकाश मिश्र का है। अंधेर नगरी नाटक के लेखक भारतेन्दु हरिश्चन्द्र है। इस नाटक का प्रकाशन 1881 ई. में हुआ था। इनके अन्य नाटक हैं- वैदिकी हिंसा हिंसा न भवति, विषस्य विषमौषधम, प्रेम जोगिनी, भारत दुर्दशा, नीलदेवी, सतीप्रताप आदि ।