NTA यू.जी.सी. नेट जेआरएफ परीक्षा, दिसम्बर-2023 (हिन्दी)

Total Questions: 100

41. उपर्युक्त काव्य पंक्तियाँ अष्टछाप के किस कवि की हैं?

"कहन स्याम संदेश एक मैं तुम पै आयो ।
कहन समय संकेत कहूँ अवसर नहिं पायो ।"

Correct Answer: (a) नंददास
Solution:"कहन स्याम संदेश एक मैं तु पै आयो । कहन समय संकेत कहूँ अवसर नहिं पायो ।।" उपर्युक्त काव्य पंक्तियाँ अष्टछाप के कवि नंददास की है। 'नंददास' गोस्वामी विठ्ठलनाथ के शिष्य थे। इनकी प्रमुख रचनाएँ हैं- रास पंचाध्यायी,सिद्धांत पंचाध्यायी, अनेकार्थ मंजरी, मान मंजरी, रूप मंजरी, रस मंजरी, भँवरगीत, रुक्मिनी मंगल, सुदामा चरित आदि।

42. 'प्रेमचंद : घर में' के अनुसार किन पत्रों के खर्चे उठाने के लिए प्रेमचंद बंबई फिल्म कंपनी में काम करने की योजना बनाते हैं?

Correct Answer: (b) जागरण और हंस
Solution:'प्रेमचंद घर में' के अनुसार जागरण और हंस पत्रों के खर्चे उठाने के लिए प्रेमचंद बंबई फिल्म कंपनी में काम करने की योजना बनाते हैं। 'प्रेमचंद घर में' जीवनी के लेखक शिवरानी देवी हैं। शिवरानी देवी प्रेमचंद की दूसरी पत्नी हैं। अमृत राय ने प्रेमचंद की जीवनी 'कलम का सिपाही' तथा मदन गोपाल ने 'कलम का मजदूर' नाम से लिखी है।

43. 'पिता' कहानी के पिता ने किन दो पुस्तकों में जिंदगी के पैंतीस वर्ष काट दिए?

Correct Answer: (d) रामायण - गीता
Solution:'पिता' कहानी के पिता ने रामायण-गीता पुस्तकों में जिंदगी के पैंतीस वर्ष काट दिए। 'पिता' कहानी के लेखक ज्ञानरंजन हैं। ज्ञानरंजन सातवें दशक के यशस्वी कथाकार हैं। इन्होने घंटा, बहिर्गमन, अमरूद, फेंस के इधर-उधर, यात्रा, क्षणजीवी तथा पिता जैसी कहानियों के माध्यम से हिन्दी कहानी लेखन को नया स्वरूप प्रदान किया।

44. कुबेरनाथ राय के निबंधों की विशेषताओं से संबंधित उपयुक्त कथन हैं :

(A) कुबेरनाथ राय के निबंधो का मूल स्रोत लोक जीवन, लोक संस्कृति और लोक शब्दावली है।
(B) कुबेरनाथ राय ललित निबंध को रम्य निबंध की तुलना में व्यक्तिव्यंजक निबंध अधिक माते हैं।
(C) कुबेरनाथ राय के निबंधों में मिथकों के प्रति गहरा आकर्षण है।
(D) कुबेरनाथ राय 'निबंध' को एक बौद्धिक कर्म मानते हैं।
(E) कुबेरनाथ राय ललित निबंध को एक पराश्रित विधा मानते हैं।
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए :

Correct Answer: (b) केवल (A), (C), (D)
Solution:कुबेरनाथ राय के निबंधों की विशेषताओं से संबंधित उपयुक्त कथन निम्नलिखित हैं-
1. कुबेरनाथ राय के निबंधों का मूल स्रोत लोक जीवन, लोक संस्कृति और लोक शब्दावली है।
2. कुबेरनाथ राय के निबंधों में मिथकों के प्रति गहरा आकर्षण है।
3. कुबेरनाथ राय 'निबंध' को एक बौद्धिक कर्म मानते हैं।
4. कुबेरनाथ राय रसधर्मा ललित निबंधकार हैं।
5.कुबेरनाथ राय का प्रथम निबंध संग्रह 'प्रिया नीलकंठी' है।
इनके प्रमुख निबंध संग्रह रस आखेटक, गंधमादन, विषाद योग, निषाद बाँसुरी, महाकवि की तर्जनी, त्रेता का वृहद मास, मराल, उत्तर कुरु, आगम की नाव आदि हैं।

45. 'कुमारपाल प्रतिबोध' इनमें से किस जैन कवि की रचना है?

Correct Answer: (b) सोमप्रभ सूरि
Solution:'कुमारपाल प्रतिबोध' सोमप्रभ सूरि की रचना है। यह गद्य-पद्य मय संस्कृत प्राकृत काव्य है जबकि जैनाचार्य मे तुंग ने 'प्रबंधचिंतामणि' नामक ग्रंथ की रचना संस्कृत भाषा में की।
• 'प्राकृत के पाणिनी' हेमचंद्र के प्रमुख ग्रंथ सिद्ध हेमचन्द्र शब्दानुशासन, कुमारपाल चरित्र, योगशास्त्र, प्राकृत व्याकरण, छन्दोनुशासन आदि।
• शारंगधर ने 'शारंगधर पद्धति' के नाम से एक सुभाषित संग्रह बनाया।

46. धूमिल की 'नक्सलबाड़ी', 'मोचीराम' और 'अकाल दर्शन' कविताएँ किस संग्रह में हैं?

Correct Answer: (a) संसद से सड़क तक
Solution:सुदामा पाण्डेय 'धूमिल' की 'नक्सलबाड़ी', 'मोचीराम' और 'अकाल दर्शन' कविताएँ 'संसद से सड़क तक' (1972 ई.) काव्य संग्रह में संकलित है। जबकि 'कल' सुनना मुझे (1967 ई.) 'सुदामा पाण्डे का प्रजातंत्र' (1984 ई.) इनके अन्य काव्य संग्रह हैं।
• दिनारंभ (1967 ई.), माया दर्पण (1967 ई.), जलसाघर (1973 ई.) तथा मगध 'श्रीकांत वर्मा' के काव्य संग्रह हैं।

47. घनानंद की काव्य पंक्ति 'काहू कलपायहै सु कैसे कल पाय है।' में कौन सा अलंकार है?

Correct Answer: (c) यमक
Solution:घनानंद की काव्यपंक्ति 'काहू कलपाय है सु कैसे कल पाय है।' में यमक अलंकार है।
यमक अलंकार- जहाँ एक या एक से अधिक शब्द एक से अधिक बार प्रयुक्त हों, एवं अर्थ भी प्रत्येक बार भिन्न हो, वहाँ यमक अलंकार होता है।
• घनानंद की प्रमुख काव्य कृतियाँ निम्न हैं- सुजान सार, इश्कलता, विरहलीला, वियोगबेलि, कोकसार, कृपाकंद, रसकेलिवल्ली, यमुनायश आदि।
• 'विरहलीला' ब्रजभाषा में है किन्तु फारसी के छंद में है। रामधारी सिंह दिनकर ने लिखा है, "रीतिकाल की बौद्धिक विरहानुभूति, निष्प्राणता और कुंठा के वातावरण में घनानंद की पीड़ा की टीस सहसा ही हृदय को चीर देती है और मन सहज ही मान लेता है। कि दूसरों के लिए किराये पर आँसू बहाने वालो के बीच यह एक ऐसा कवि है जो सचमुच अपनी पीड़ा में ही रो रहा है।"

48. भवानी प्रसाद मिश्र की कविता 'सतपुड़ा के जंगल' में किस जनजाति का उल्लेख है?

Correct Answer: (a) गोंड
Solution:भवानी प्रसाद मिश्र की कविता 'सतपुड़ा के जंगल' में 'गोंड' जनजाति का उल्लेख है।
• भवानी प्रसाद मिश्र को 'सहजता का कवि' कहा जाता है।
• कहानीकार उदय प्रकाश ने भवानी प्रसाद मिश्र को 'कविता का गाँधी' कहा है लेकिन उन्होने खुद को 'गाँधी का बेटा' कहा है। 'सतपुड़ा के जंगल' कविता 'गीत फरोश' (1953 ई.) काव्य संग्रह में संकलित है। इनके अन्य काव्य संग्रह कमल के फूल, सतपुड़ा के जंगल, वाणी की दीनता, टूटने का सुख, गीत फरोश आदि हैं।

49. 'अंजो दीदी' नाटक का मंचन 'रंगभूमि' द्वारा लक्ष्मी टॉकीज, इलाहाबाद के हॉल में 22 जनवरी 1956 को हुआ। इस नाट्य प्रस्तुति के निर्देशक थे-

Correct Answer: (a) श्री राज जोशी
Solution:'अंजो दीदी' नाटक का मंचन 'रंगभूमि' द्वारा लक्ष्मी टॉकीज, इलाहाबाद के हॉल में 22 जनवरी 1956 ई.को हुआ। इस नाट्य प्रस्तुति के निर्देशक श्री राज जोशी थे।
उपेन्द्रनाथ 'अश्क' के प्रमुख नाटक - लक्ष्मी का स्वागत (1935), स्वर्ग की झलक (1940 ई.), छठा बेटा (1940 ई.), जय पराजय (1937 ई.), देवताओं की छाया (1940 ई.), अंजो दीदी (1955 ई.), लौटता हुआ दिन (1972 ई.), कैद, उड़ान आदि।

50. 'मिथक' 'प्रतीक' और बिम्ब के सम्बन्ध में निम्नलिखित कथनों में से सही कथनों का चुनाव कीजिए :

(A) अरस्तू ने अपने ग्रन्थ 'पोएटिक्स' में मिथक का प्रयोग कथानक, आख्यानमूलक रचना तथा मनगढ़ंत कथा के लिए किया है।
(B) नगेन्द्र लिखते है, "काव्य बिंब शब्दार्थ के माध्यम से कल्पना द्वारा निर्मित एक ऐसी मानस छवि है जिसके मूल में भाव की प्रेरणा रहती है।
(C) प्रतीक स्वतः संभव होता है जबकि बिम्बों का निर्माण सचेष्ट किया जाता है।
(D) प्रतीक प्रतिरूप न होकर निरूपण होता है, कलाकार के भावों के प्रेषण का माध्यम होता है।
(E) कल्पना से प्रतीक का निर्माण होता है और प्रतीकों से बिम्ब का निर्माण होता है।
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए :

Correct Answer: (a) केवल (A), (B), (D)
Solution:'मिथक' 'प्रतीक' और बिम्ब के संबंध में सही कथन निम्नलिखित हैं-
1.अरस्तू ने अपने ग्रंथ 'पोएटिक्स' में मिथक का प्रयोग कथानक, आख्यानमूलक रचना तथा मनगढंत कथा के लिए किया है।
2. नगेन्द्र लिखते हैं, “काव्य बिंब शब्दार्थ के माध्यम से कल्पना द्वारा निर्मित एक ऐसी मानस छवि है जिसके मूल में भाव की प्रेरणा रहती है।"
3. प्रतीक प्रतिरूप न होकर निरूपण होता है, कलाकार के भावों के प्रेरण का माध्यम होता है।
  • बिम्ब-रचना काव्य का मुख्य व्यापार है। बिम्बो के द्वारा कवि, वस्तु, घटना, गुण, व्यापार, विशेषता, विचार आदि साकार तथा निराकार पदार्थों और मानसक्रियाओं को प्रत्यक्ष एवं इन्द्रियग्राह्य बनाता है। काव्य अपने इसी व्यापार में अन्य शास्त्रों या विज्ञानों से भिन्न है।
  • बिम्ब किसी अप्रस्तुत वस्तु का मानसिक या काल्पनिक रूप है।