PGT Commerce Level-3 (HTEТ), Exam 2024

Total Questions: 150

31. निर्देश (प्रश्न संख्या 31-34): निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर नीचे दिये गये प्रश्नों के उत्तर दीजिए:

नया निश्चय ही एक मूल्य है। पर निरंतरता भी एक मूल्य है। साहित्य दोनों में से एक को चुनने की हिमाकत सौभाग्य से नहीं करता है, क्योंकि वह जानता है कि एक के बिना दूसरा संभव नहीं है। परंपरा अपने को पुनर्नवा किए बिना सजीव नहीं रह सकती। मनुष्य दोनों आयामों में रहता है इतिहास में और अनन्त में।
वह बदलता है और फिर भी बना रहता है। दोनों आयाम मनुष्य के यहाँ अंतर्भुक्त हैं वे अलग-थलग या विविक्ति नहीं होते। बहुत कुछ बदलता है समाज, परिस्थितियाँ, आर्थिक व्यापार, मानव संबंध और उनके संगुंफन आदि पर प्रेम, ईर्ष्या, मोह-मत्सर, रोग विराग, हर्ष-विषाद आदि वही बने रहते हैं।
नयी दृष्टि होती है,तो अपने लिए अनवार्यतः नया शिल्प भी खोजती है। विश्लेषन के लिए भले हम कथ्य और शिल्प को अलग-थलग कर लेते हैं, पर रचना में वे अद्वैत हैं। नया अंततः निरंतरता में समाहित होकर अपनी वैधता पता है, पर वह निरंतरता में समाहित होकर अपनी वैधता पाता है, पर वह निरंतरता को कहीं न कहीं बदल भी देता है। निरंतरता नए के हस्तक्षेप और उसके समाहार के बाद वही नहीं रह जाती, जो पहले थी।
हम यह भूल जाते हैं कि आज जो पुराना लगता है, वह कभी नया था। बिना समाकालीनता के कालातीत नहीं हुआ जा सकता, लेकिन सिर्फ समाकालीनता के बाड़े में बँचे रहकर भी कालाजीत नहीं हुआ जा सकता।
नया समय को सीधे और उसके बदले हुए ब्योरों में पकड़ने के साहस से उपजता है, पर अगर वह समय के पार में देख पाये, तो टिकाऊ नहीं हो सकता। जो कालातीत है, वही हर समय नया होता चलता है।
साहित्य का अभीष्ट है: 

Correct Answer: 3. नयेपन एवं निरंतरता दोनों को चुनना
Solution:

गद्यांश में कहा गया है कि साहित्य केवल नया या केवल निरंतरता नहीं चुनता, बल्कि दोनों को साथ लेकर चलता है। परंपरा बिना नवीनता के जीवित नहीं रह सकती और नवीनता निरंतरता में समाहित होकर ही वैधता पाती है। अतः साहित्य का अभीष्ट नयेपन और निरंतरता दोनों का चयन करना है।

32. निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सत्य है?

Correct Answer: 2. मनुष्य का समाज समय के साथ परिवर्तनशील है।
Solution:

गद्यांश में स्पष्ट कहा गया है कि समाज, परिस्थितियाँ, आर्थिक व्यापार और मानव संबंध समय के साथ बदलते रहते हैं। जबकि मनुष्य की मूल प्रवृत्तियाँ (जैसे प्रेम, ईर्ष्या, मोह आदि) स्थिर रहती हैं। इसलिए सही कथन यही है कि समाज समय के साथ परिवर्तनशील है।

33. कौन-सा कथन असत्य है?

Correct Answer: 3. कथ्य और शिल्प दोनों एक-दूसरे से स्वायत्त होते हैं।
Solution:

यह असत्य है क्योंकि गद्यांश में कहा गया है कि विश्लेषण के लिए कथ्य और शिल्प को अलग किया जा सकता है, लेकिन साहित्यिक रचना में वे अद्वैत और परस्पर अनूस्यूत रहते हैं। इसलिए कथ्य और शिल्प का स्वायत्त होना असत्य है।

34. नयापन टिकाऊ होता है:

Correct Answer: 2. जब वह समकालीन भी हो और कालातीत भी।
Solution:

गद्यांश में कहा गया है कि बिना समकालीनता के कालातीत नहीं हुआ जा सकता और केवल समकालीनता तक सीमित रहकर भी कालातीत नहीं हुआ जा सकता। नयापन तभी टिकाऊ होता है जब वह समय की वास्तविकता से जुड़ते हुए कालातीत दृष्टि भी प्रदान करे।

35. समास की दृष्टि से संगत विकल्प चुनिए

Correct Answer: 4. श्रमसाध्य करण - तत्पुरुष
Solution:

'श्रमसाध्य' का विग्रह है श्रम से साध्य (मेहनत से प्राप्त होने वाला) । यहाँ 'से' करण कारक है जिसका लोप हुआ है। यह करण तत्पुरुष समास की स्पष्ट पहचान है। अन्य विकल्पों में त्रुटि है 'चक्षुश्रवा' करण तत्पुरुष बहुव्रीहि है, 'आपादमस्तक' अव्ययीभाव है, और 'जातिगत' करण तत्पुरुष अधिक उपयुक्त है।

36. वाक्य में प्रयुक्त क्रिया की दृष्टि से असंगत विकल्प का चयन कीजिए:

Correct Answer: 3. मदारी अनेक करतब दिखलाकर बच्चों को ललचाता है - अकर्मक क्रिया
Solution:

यह असंगत है क्योंकि 'ललचाता है' क्रिया सकर्मक है। इसका प्रभाव कर्म 'बच्चों को' पर पड़ता है। अन्य वाक्य संगत हैं 'पढ़ा रही है' द्विकर्मक है, 'हँस रहा है' अकर्मक है, और 'मरना' रंजक क्रिया है।

37. निम्न में से अशुद्ध शब्द समूह का चयन कीजिए:

Correct Answer: 1. सीधा साधा, अठोतर, उहापोह
Solution:

1. सीधा साधा, अठोतर, उहापोह यहाँ "अठोतर" अशुद्ध है। सही शब्द "अठहत्तर" (78) या "अठहत्तरवा" होता है। बाकी शब्द "सीधा साधा" और "उहापोह (दुविधा) शुद्ध हैं।

38. संधि की दृष्टि से अनुपयुक्त विकल्प चुनिएः

Correct Answer: 1. दैत्यारि, गत्यानुसार, अगन्याशय य संधि
Solution:

यह विकल्प अनुपयुक्त है। 'दैत्यारि' में दीर्घ संधि है (अ + अ = आ), 'गत्यानुसार' और 'अगन्याशय' में यण सोधे है। इसलिए पूरे समूह को 'यण संधि' मानना गलत है। अन्य विकल्प सही हैं 2 में दीर्घ संधि, 3 में व्यंजन संधि, और 4 में विसर्ग संधि है।

39. विलोम की दृष्टि से असंगत विकल्प चुनिए

Correct Answer: 2. आह्वान - अनाहूवान
Solution:

यह असंगत है क्योंकि 'आह्वान' (बुलाना) का मानक विलोम 'प्रत्याह्वान' या 'विसर्जन' माना जाता है। 'अनाह्वान' का अर्थ है 'न बुलाया गया', जो विरोधार्थी न होकर केवल निषेधार्थी है। अन्य युग्म 'आकृष्ट विकृष्ट', 'कलंकित निष्कलंक', और 'ऐहिक पारलौकिक' सही विलोम हैं।

40. वर्णों की ध्वनिगत विशेषताओं के संदर्भ में असंगत चुनिए

Correct Answer: 2. ऋ - अग्र, संवृत, वृत्तमुखी
Solution:

यह असंगत है क्योंकि 'ऋ' स्वर अग्र और संवृत तो है, पर यह वृत्तमुखी (गोल होंठों से) नहीं है। गोल होंठों वाले स्वर केवल 'उ', 'ऊ', 'ओ', 'औ' आदि हैं। इसलिए 'ऋ' को वृत्तमुखी बताना गलत है। शेष विवरण 'उ' (पश्च, संवृत, वृत्तमुखी), 'अ' (मध्य, हस्व, उदासीन), 'आ' (पश्च, विवृत, अवृत्तमुखी) सही हैं।