TGT and PGT (Hindi previous year questions) (Part-I)

Total Questions: 50

1. 'प्रिय प्रवास'में किस रस की प्रधानता है?

Correct Answer: (b) करुण रस
Solution:'प्रिय प्रवास' में 'करुण रस' की प्रधानता है, यह खड़ी बोली में लिखा गया प्रथम महाकाव्य है इसमें राधा और कृष्ण को सामान्य नायक-नायिका के स्तर से ऊपर उठा कर विश्वसेवी तथा विश्वप्रेमी के रूप में चित्रित करने में

'हरिऔध' ने अपनी मौलिकता का परिचय दिया है। इनकी काव्य शैली बड़ी मार्मिक और भावपूर्ण है। 'प्रिय प्रवास' पर इन्हें हिन्दी का मंगलाप्रसाद पारितोषिक प्रदान किया गया।

2. 'आर्थर कानन डायल' से हिंदी का कौन-सा उपन्यासकार प्रभावित हुआ?

Correct Answer: (a) गोपालराम गहमरी
Solution:हिंदी उपन्यासकार 'गोपालराम गहमरी आर्थर कानन डायल से प्रभावित थे। 'गहमरी' को हिन्दी में जासूसी उपन्यासों का प्रवर्तक माना जाता है, और हिन्दी का कानन डायल कहा जाता है।

3. 'सुनंदा' जैनेन्द्र की किस कहानी की पात्र है?

Correct Answer: (d) पत्नी
Solution:'सुनंदा' जैनेन्द्र की 'पत्नी'कहानी की पात्र है। इनकी प्रथम कहानी 'खेल' (1928 ई.)है। इनके कहानी संग्रह- फाँसी (1929 ई.), दो चिड़ियाँ (1935 ई.), एक रात (1934 ई.), नीलम देश की राजकन्या (1933 ई.) ध्रुवयात्रा (1944 ई.), पाजब (1942 ई.) जयसन्धि (1949 ई.) आदि हैं।

4. अयोध्यासिंह उपाध्याय 'हरिऔध' की किस रचना में कृष्ण महापुरुष की तरह अंकित हुए हैं?

Correct Answer: (c) प्रिय प्रवास
Solution:अयोध्या सिंह उपाध्याय 'हरिऔध के 'प्रियप्रवास' महाकाव्य में कृष्ण को महापुरुष के रूप में अंकित किया गया हैं।

प्रियप्रवास (1914 ई.) खड़ी बोली का प्रथम महाकाव्य है. इसका सर्वप्रथम नाम ब्रजांगना विलाप था। यह सम्पूर्ण काव्य संस्कृत के वर्ण वृत्तों पर आधारित है। प्रिय प्रवास में कुल 17 सर्ग हैं जिसमें 'कृष्ण के बचपन से लेकर मथुरा प्रस्थान तक का वर्णन है।' इनको 'कवि सम्राट' की उपाधि और प्रिय प्रवास पर मंगला प्रसाद पारितोषिक पुरस्कार मिला था।

5. निम्नलिखित में से कौन-सा उपन्यास डॉ. रांगेय राघव द्वारा नहीं लिखा गया है?

Correct Answer: (d) भाग्यवती
Solution:भाग्यवती उपन्यास रांगेय राघव द्वारा नहीं लिखा गया है। बंदूक और बीन, देवकी का बेटा,पक्षी और आकाश रांगेय राघव के उपन्यास हैं।

भाग्यवती (1877 ई.) श्रद्धाराम फिल्लौरी का उपन्यास है।

6. निम्न में से कौन-सी शेखर जोशी की रचना नहीं है?

Correct Answer: (b) नए पत्ते
Solution:'नए पत्ते' शेखर जोशी की रचना नहीं है। साथ के लोग, हलवाहा, एक पेड़ की यादये सभी रचनाएँ शेखर जोशी की हैं। 'नए पत्ते' सूर्यकान्त त्रिपाठी 'निराला' की रचना है।

7. 'हिंदी में रिपोर्ताज'का जनक किसे माना जाता है?

Correct Answer: (a) शिवदान सिंह चौहान
Solution:'शिवदान सिंह चौहान' को 'हिन्दी में रिपोर्ताज' का जनक माना जाता है। 'रिपोर्ताज' फ्रांसीसी भाषा का शब्द है, हिन्दी गद्य विद्या के रूप में इसका आविर्भाव द्वितीय विश्वयुद्धके आस-पास हुआ। 'रुपाभ' पत्रिका के दिसम्बर 1938ई. में प्रकाशित 'लक्ष्मीपुरा'का हिन्दी का प्रथम रिपोर्ताज माना जाता है।

8. 'कुछ आपबीती कुछ जग बीती आत्मकथा के लेखक कौन हैं?

Correct Answer: (d) भारतेंदु हरिश्चंद्र
Solution:'कुछ आपबीती कुछ जग बीती' आत्मकथा के लेखक 'भारतेन्दु हरिश्चन्द' हैं। अन्य लेखकों की आत्म कथाएँ हैं- राजेन्द्र प्रसाद आत्मकथा (1947 ई.), गुलाबराय मेरी असफलताएँ (आत्मकयात्मक निबंध 1946 ई.), चतुरसेन शास्त्री यादों की परछाइयों (भाग-एक 1956 ई.), और 'मेरी आत्मकहानी' (भाग-दो 1963 ई.)।

9. 'साकेत' महाकाव्य के रचनाकार कौन हैं?

Correct Answer: (d) मैथिलीशरण गुप्त
Solution:'साकेत' महाकाव्य के रचनाकार 'मैथिलीशरण गुप्त' हैं।कामायनी (1935 ई.) जयशंकरप्रसाद, की लोकायतन (1964 ई.)सुमित्रानन्दन पंत की एवं गुनवंत हेमंत (1900 ई.). तथा एकान्तवासी योगी (1886 ई.) श्रीधर पाठक की रचनाएँ है।

10. 'भाग्यवती' किस प्रकार का उपन्यास है?

Correct Answer: (b) सामाजिक
Solution:'भाग्यवती' (18775.) एक सामाजिक उपन्यास है. इसके लेखक श्रद्धाराम फिल्लौरी हैं। डॉ. विजयशंकर मल्ल ने इसे हिन्दी का प्रथम उपन्यास माना है। 'तिलिस्म' से संबंधित उपन्यास चन्द्रकान्ता (1886 ई.) है. इसके लेखक देवकीनन्दन खत्री हैं।

इनको तिलस्मी- ऐयारी उपन्यास का जनक माना जाता है। 'प्रकृतिवादी उपन्यासकार पाण्डेय बेचन शर्मा 'उत्र' हैं। 'फागुन के दिन चार (1960 ई.) पाण्डेय बेचन शर्मा 'उत्र' का उपन्यास है। इन्हें प्रकृतिवादी उपन्यास का जनक माना जाता है।

11. 'बालाबोधिनी' नामक स्त्रीशिक्षा संबंधी पत्रिका के संपादक कान थे?

Correct Answer: (b) भारतेन्दु हरिश्चंद्र
Solution:'बालाबोधिनी' नामक त्रीशिक्षा से संबंधित पत्रिका के संपादक भारतेन्दु हरिवन्द्र थे। 'बालाबोधिनी' का संपाटन (1877 ई.) बनारस से भारतेन्दु हरिश्चन्द्र ने किया। इनकी अन्य पत्रिका कविवचन सुधा (1868 ई.)मासिक, पाक्षिक और साप्ताहिक पी. 'हरिश्चन्द्र मैगजीन' (1873 ई.) मासिक पत्रिका बनारस से संपादित होती थी।

12. निम्न विकल्पों में कुछ संस्मरण व उनके लेखकों के जोड़े दिए गए हैं, उनमें से गलत विकल्प को पहचानिए।

Correct Answer: (d) चेतना के बिम्ब महादेवी वर्मा
Solution:चेतना के विम्ब (1967 ई.) डॉ. नगेन्द्र का संस्मरण है. महादेवी वर्मा का नहीं।
सूची-Iसूची-II
संस्मरणलेखक
ज्यादा अपनी कम परायी (19595.)उपेन्द्रनाथ अश्क
मील के पत्थररामवृक्ष बेनीपुरी
पथ के साथी (1956 ई.)महादेवी वर्मा
साठ वर्ष एक रेखांकनसुमित्रा नन्दन 'पंत'

13. निम्न में से कौन-सा भीष्म साहनी द्वारा रचित नाटक नहींहै?

Correct Answer: (d) पैर तले की जमीन
Solution:'पैर तले की जमीन' मीष्म साहनी द्वारा रचित नाटक नहीं है. यह मोहन राकेश का अधूरा नाटक है। कबीरा खड़ा बाजार में (1981 ई.), माधवी (1985 ई.) औरमुआवजे (1993ई.) भीष्म साहनी के प्रमुख नाटक हैं।

14. झबरा कुत्ते का वर्णन प्रेमचंद की किस कहानी में किया गया है?

Correct Answer: (c) पूस की रात
Solution:'पूस की रात' कहानी में झबरा कुत्ते का वर्णन प्रेमचंद ने किया है।

15. 'चीड़ों पर चाँदनी' किसका निबंध है?

Correct Answer: (b) निर्मल वर्मा
Solution:'चीड़ों पर चाँदनी' निर्मल वर्मा का निबंध है। निर्मल वर्मा हिन्दी के आधुनिक कथाकारों में एक मूर्धन्य कलाकार और पत्रकार थे। शिमला में जन्में निर्मल वर्मा को मूर्ति देवी (1994 ई.), साहित्य अकादमी पुरस्कार (1985 ई.), उत्तर प्रदेश हिन्दी संस्थान पुरस्कार और ज्ञानपीठ पुरस्कार से सम्मानित किया जा चुका है।

16. 'मेरी जीवन यात्रा' किसकी रचना है?

Correct Answer: (b) राहुल सांकृत्यायन
Solution:'मेरी जीवन यात्रा' राहुल सांकृत्यायन की रचना है। इनके अन्य यात्रा वृत्तांत मेरी लद्दाख यात्रा, कित्रर देश में, रूस में 25 मास, यूरोप यात्रा, लंका यात्रा, जापान यात्रा, ईरान यात्रा, चीन मेंक्या देखा, ल्हासा की ओर, तिब्बत में सवा वर्ष, मेरी तिब्बत यात्रा आदि।

17. 'जैनेन्द्र कुमार' के उपन्यास के सही कालक्रम का विकल्प चुनिए।

Correct Answer: (d) परख.सुनीता, त्यागपत्र, कल्याणी
Solution:परख. सुनीता. त्यागपत्र,कल्याणी जैनेन्द्र कुमार के उपन्यासो का सही काल क्रम है। जैनेन्द्र के उपन्यास परख (1929ई.), सुनीता (1934 ई.), त्यागपत्र (1937 ई.), कल्याणी (1939 ई.), सुखदा (1952 ई.). विवर्त (1953ई.), जयवर्द्धन (1956 ई.). मुक्तिबोध (1965 ई.), अनन्तर (1968 ई.), अनाम स्वामी (1974 ई.), दशार्क (1985 ई.)।

18. काव्य जीवन की आलोचना है यह किसका कथन है?

Correct Answer: (d) आर्नल्ड
Solution:"काव्य जीवन की आलोचना है" यह कथन 'आर्नाल्ड' का है। वसवर्थ ने कविता को परिभाषित करते हुए लिखा है- "कविता प्रबल भावों का सहज उच्छलन है।"

19. हिंदी उपन्यास' के विकास का वर्गीकरण किसे केंद्र में रखकर किया गया?

Correct Answer: (a) प्रेमचंद जी को
Solution:'हिन्दी उपन्यास' के विकास का वर्गीकरण प्रेमचंद जी को केन्द्र में रखकर किया गया।

हिन्दी उपन्यास का वर्गीकरण

सूची-Iसूची-II
प्रथम उत्थानप्रेमचन्द पूर्व युग
द्वितीय उत्थानप्रेमचन्द युग
तृतीय उत्थानप्रेमचन्दोत्तर युग
चतुर्थ उत्थानआधुनिक बोध के उपन्यास

20. सत्रह वर्ष तक हिन्दी की प्रसिद्ध पत्रिका सरस्वती का सम्पादन कार्य करने वाला तथा हिंदी नवजागरण में महान भूमिका निभाने वाले रचनाकार कौन थे?

Correct Answer: (c) महावीर प्रसाद द्विवेदी
Solution:सत्रह वर्ष तक हिन्दी की प्रसिद्ध पत्रिका सरस्वती का सम्पादन कार्य करने वाले तथा हिन्दी नवजागरण में महान भूमिका निभाने वाले रचनाकार 'महावीर प्रसाद द्विवेदी' जी थे।

'सरस्वती पत्रिका' के संस्थापक चिन्तामणि घोष थे, और इसके प्रथम संपादक बाबू श्यामसुन्दरदास ने इसका प्रकाशन मासिक पत्रिका के रूप में सन् 1900 में इण्डियन प्रेस, प्रयाग से जनवरी मास में प्रारम्भ किया।

इसके द्वितीय संपादक के रूप में आचार्य महावीर प्रसाद द्विवेदी ने सन् 1903-1920 तक लगातार संपादन किया। इसके तृतीय संपादक के रूप में सन् 1920 में पंडित देवीदत्त शुक्क ने संपादन कार्य संभाला।

21. 'भारत भारती' के रचनाकार कौन हैं?

Correct Answer: (d) मैथिलीशरण गुप्त
Solution:"भारत-भारती' के रचना कार 'मैथिलीशरण गुप्त' हैं। उनकी अन्य रचनाएँ रंग में भंग (1909 ई.). जयद्रय वध (1910 ई.), किसान (1917 ई.),विकट मट (1929 ई.), गुरुकुल (1929 ई.), झंकार (1929 ई.), साकेत (1931 ई.). यशोधरा (1932 ई.), द्वापर (1936 ई.), जय भारत (1952 ई.), विष्णु त्रिया (1957 ई.), सिद्धराज (19.36 ई.),हिन्दू, वैतालिक, पंचवटी आदि।

22. निम्नलिखित में से कौन-सा सोहनलाल द्विवेदी का काव्य संग्रह नहीं है?

Correct Answer: (c) आर्द्रा
Solution:'आई' सोहनलाल द्विवेदी का काव्य संग्रह नहीं है। आर्द्रा, मलबे का मालिक, सेप्टीपिन, जख्म, मिस पाल, इन्सान के खण्डहर, नऐ बादल, जानवर और जानवर, एक और जिंदगी. फौलाद का आकाश मोहन राकेश के कहानी संग्रह हैं। भैरवी, दूधवाला, पूजागीत सेवाग्राम, प्रभाती, युगधारा, कुणाल, चेतना, बासुरी आदि सोहनलाल द्विवेदी जी की रचनाएँ हैं।

23. भारतेंदु जी ने अपनी कविता 'गंगा वर्णन' मेंकिसका परिचय दिया है?

Correct Answer: (a) प्रकृति चित्रण का
Solution:भारतेन्दु जी ने अपनी कविता 'गंगा वर्णन' में 'प्रकृति चित्रण' का परिचय दिया है। भारतेन्दु जी की काव्य कृतियाँ भक्ति सर्वस्व, प्रेममालिका, कार्तिक स्नान, वैशाख माहात्म्य, प्रेम सरोवर, प्रेम माधुरी,

प्रेम तरंग, प्रेम प्रलाप, वर्षा विनोट, प्रेमफुलवारी. दानलीला, वसंत, कृष्ण परित. विजय वत्तरी, बकरी विलाप, बन्दर सभा, रिपुनाष्टक, विजयिनी विजय वैजयंती, प्रबोधनी, नये जमाने की मुकरी, उर्दू का स्यापा, आदि हैं।

24. निम्न में से कोन-सी कविता सूर्यकांत त्रिपाठी 'निराला' की नहीं है?

Correct Answer: (a) अधखिता फूल
Solution:'अधखिला फूल' कविता सूर्यकान्त त्रिपाठी 'निराला' की नहीं हैं। अधखिला फूल (1907 ई.), ठेठ हिन्दी का ठाठ (1899 ई.) तरिऔध जी के उपन्यास हैं।

ठेठ हिन्दी का ठाठ उपन्यास को 'मुहावरों' का पाठ्यपुस्तक कहा जाता है। राम की शक्ति पूजा, सरोज स्मृति, सांध्या सुन्दरी, भिक्षुक, जूही की कली आदि 'निराला' की कविताएँहैं।

25. 'नवीन' उपनाम से कौन से कवि प्रसिद्ध हैं?

Correct Answer: (b) बालकृष्ण शर्मा
Solution:'नवीन' उपनाम से बालकृष्ण शर्मा 'नवीन' कवि प्रसिद्ध हैं। ये राष्ट्रीय सांस्कृतिक काव्य धारा के प्रमुख कवियों में हैं। इनकी रचनाएँ कुंकुम (1939 ई.), रश्मि रेखा, अपलक, हम विषपायी जनम के,

विनोबा स्तवन, ऊर्मिला आदि हैं। इनकी कविताओं में राष्ट्र-प्रेम तथा विद्रोह का स्वर प्रमुखता से आया, इन्होंने ब्रजभाषा के प्रभाव से युक्त खड़ी बाली हिन्दी में काव्य रचना की।

26. धर्मदास किसके शिष्य थे?

Correct Answer: (b) कबीर
Solution:'धर्मदास', कबीरदास के शिष्य थे।
सूची-Iसूची-II
शिष्यगुरु
तुलसीदासनरहरिदास एवं शेष सनातन
कबीररामानंद
सूरदासवल्लभाचार्य
धर्मदासकबीरदास

27. भारत में आर्य भाषा का आरंभ कब हुआ है?

Correct Answer: (a) 1500 ई. पूर्व के आसपास
Solution:1500 ई. पूर्व के आसपास भारत में आर्यभाषा का आरम्भ हुआ है। प्राचीन भारतीय आर्यभाषा-काल (1500 ई.पू.-500 ई.पू. तक) मध्यकालीन भारतीय आर्यभाषा-काल (500ई.पू.-1000 ई.तक) आधुनिक भारतीय आर्यभाषा-काल (1000 ई. आज तक)

28. द्वन्द्व गीत किसका काव्य संग्रह है?

Correct Answer: (b) रामधारी सिंह दिनकर
Solution:'द्वन्द्व गीत' रामधारी सिंह 'दिनकर' का काव्य संग्रह है। 'दिनकर' के काव्य- रेणुका, हुंकार, रसवन्ती, द्वन्द्वगीत कुरुक्षेत्र, सामधनी,रश्मिरथी, नील कुसुम, उर्वशी, इतिहास के आँसू आदि।

29. 'वीणा', 'उच्छ्वास' और 'ग्रंथि' जैसी कोमल कांत पदावली और माधुर्य गुण से परिपूर्ण रचनाएँ किस कवि की हैं?

Correct Answer: (a) सुमित्रानंदन पंत
Solution:'वीणा', 'उच्छवास' और 'ग्रंथि'जैसी कोमलकांत पदावली और माधुर्य गुण से परिपूर्ण रचनाएँ सुमित्रानंदन पंत की हैं। पंत प्रकृति के सुकुमार कवि कहे जाते हैं। पंत की कविताओं को चार श्रणियों में बाँटा गया है-

नवमानवतावादी - उत्तरा, कला और बूढ़ा चाँद, अतिमा, लोकायतन, चिदम्बरा।

30. किस रचनाकार ने अपना जन्मदिन वसंत पंचमी के दिन मनाना घोषित किया?

Correct Answer: (c) सूर्यकान्त त्रिपाठी निराला
Solution:सूर्यकान्त त्रिपाठी 'निराला' ने अपना जन्मदिन वसंत पंचमी के दिन मनाना घोषित किया। इनका जन्म 1899 ई. में वसंत पंचमी के दिन हुआ था। इन्होंने उस दिन को आधार मानकर अपना जन्मदिन वसंत पंचमी को घोषित किया।

निराला के प्रमुख काव्य संग्रह हैं अनामिका, परिमल, गीतिका, तुलसीदास, कुकुरमुत्ता, अणिमा, बेला, नये पत्ते, अर्चना, आराधना, गीतिगुंज, सांध्यकाकली।

31. “वह इष्ट देव के मंदिर की पूजा-सी, वह दीप शिखा- सी-शांत भाव में लीन वह टूटे तारों की छूटी लता-सी दीन, दलित भारत की विधवा है।" किस कवि की पंक्तियाँ है?

Correct Answer: (d) सूर्यकांत त्रिपाठी निराला
Solution:उपर्युक्त काव्य पंक्तियाँ सूर्यकान्त त्रिपाठी 'निराला' के 'विधवा' कविता से है। विधवा कविता 'परिमल' में संगृहीत है। सुमित्रानंदन पंत प्रमुख छायावादी कवि हैं। इनकी प्रमुख छायावादी कविताएं हैं- उच्छवास, ग्रंथि, वीणा, पल्लव, गुंजन।

32. 'नीहार' तथा 'रश्मि' काव्य संग्रह किस रचनाकार की है?

Correct Answer: (c) महादेवी वर्मा
Solution:नीहार तथा रश्मि काव्य संग्रह महादेवी वर्मा का है। महादेवी वर्मा की रचनाएँ नीहार, रश्मि, नीरजा और सांध्यगीत । गीत लिखने में जैसी सफलता महादेवी जी को हुई वैसी और किसी को नहीं।

सुभद्रा कुमारी चौहान राष्ट्रीय सांस्कृतिक धारा की कवयित्री हैं। इनकी प्रमुख रचनाएं त्रिधारा तथा मुकुल हैं। सियाराम शरण गुप्त की प्रमुख रचनाएँ हैं मौर्य विजय, अनाय, दूर्वादल, विषाद, आर्द्रा. आत्मोत्सर्ग, बापू आदि।

33. जापानी लोककथा पर आधारित कविता कौन-सी है?

Correct Answer: (c) असाध्य वीणा
Solution:अज्ञेय की 'असाध्यवीणा' जापानी लोककथा पर आधारित कविता है। यह एक लम्बी कविता है। इस कविता का मुख्य भाव अहंकार का विसर्जन है। अजेय की अन्य महत्वपूर्ण कविताएँ हैं- नदी के द्वीप, चिन्ता, इत्पलम. हरी घास पर क्षण भर. यह द्वीप अकेला. कितनी नावों में कितनी बार आदि।

34. 'मंजीर' काव्य संग्रह के रचयिता कौन है?

Correct Answer: (b) गिरिजाकुमार माथुर
Solution:'मंजीर' गिरिजा कुमार माथुर का काव्य संग्रह हैं। गिरिजाकुमार माथुर 'तारसपाक' के कवि हैं। इनके अन्य महत्वपूर्ण काव्य संग्रह हैं- नाश और निर्माण, धूप के बान, शिला पंख चमकीले. अभी और कुछ आदि।

भवानी प्रसाद मिश्र के प्रमुख काव्य संग्रह हैं- गीत फरोश, बुनी हुई रस्सी, खुशबूके शिलालेख. सतपुड़ा के जंगल, टूटने का सुख आदि। भारतेन्दु हरिश्चंद्र को हिन्दी में आधुनिकता का जन्मदाता माना जाता है।

35. किस कवि के बचपन का नाम रामबोला था?

Correct Answer: (b) तुलसीदास
Solution:राम भक्ति शाखा के प्रवर्तक कवि तुलसीदास के बचपन का नाम 'रामबोला' था। ऐसी जनश्रुति हैं कि गोस्वामी जी जब पैदा हुए तब पाँच वर्ष के बालक के समान थे और उन्हें पूरे दाँत थे।

जब वे पैदा हुए तो रोए नहीं, केवल 'राम' शब्द उनके मुँह से सुनाई पड़ा। तभी से तुलसी को रामबोला कहा जाने लगा। तुलसीदास के पिता का नाम 'आभाराम दुबे और माता का नाम 'हुलसी'था।

36. निम्न में से कौन-सी केशवदास जी की रचना नहीं है?

Correct Answer: (d) देव माया प्रपंच
Solution:'देव माया प्रपंच' केशव की रचना नहीं है, अपितु यह देव द्वारा संस्कृत के प्रबोध चन्द्रोदय का काव्यानुवाद है। देव की कुछ महत्वपूर्ण कृतियाँ हैं भाव विलास, अष्टयाम, भवानी विलास, देव चरित. रस विलास, प्रेम चंद्रिका, सुजान विनोद आदि।

बीरसिंह देव परित, जहाँगीर जसचंद्रिका, नखशिख, रसिक त्रिया, राम पन्द्रिका, कवि त्रिया,रतन बावनी, विज्ञान गीता, छंदमाल, इत्यादि केशवदास की रचनाएँ हैं। विश्वनाथ प्रसाद मिश्र, डॉ. नगेन्द्र तथा गणपति चन्द्र गुप्त ने केशव कोरीतिकाव्य का प्रवर्तक माना है।

37. 'महाराणा का महत्व' किसकी रचना है?

Correct Answer: (c) जयशंकर प्रसाद
Solution:'महाराणा का महत्व जयशंकर प्रसाद की रचना है। जयशंकर प्रसाद छायावाद के प्रमुख कवि हैं। इनकी अन्य महत्वपूर्ण कृतियाँ हैं उर्वशी, वनमिलन, प्रेमराज्य, अयोध्या का उद्धार, शोकोच्छ्वास, बभ्रुवाहन, कानन कुसुम,प्रेम पथिक, चित्राधार, झरना, आँसू, लहर, कामायनी।

38. “मैं कल्पना के सत्य को सबसे बड़ा सत्य मानता हूँ।” किसके विचार हैं?

Correct Answer: (a) सुमित्रानंदन पंत
Solution:कवि सुमित्रानंदन पंत छायावादी काव्यधारा के प्रमुख कवि हैं।

39. सुमित्रानंदन पंत का काव्य संग्रह 'पल्लव' कब प्रकाशित हुआ था?

Correct Answer: (c) सन् 1928
Solution:सुमित्रानंदन पंत के काव्य संग्रह पल्लव का प्रकाशन वर्ष सन् 1928 ई.है। पंत कृत 'पल्लव' की भूमिका को छायावाद का घोषणा पत्र (मेनीफेल्टो) कहा जाता है। पल्लव की भूमिका में पंत ने भाषा, अलंकार, छंद शब्द और भाव के सामरत्य पर विचार व्यक्त किया है।

40. हिंदी का संबंध किस भाषा परिवार से है?

Correct Answer: (a) भारोपीय परिवार से
Solution:हिंदी का संबंध भारोपीय भाषा परिवार से है। भारोपीय परिवार को इण्डो जर्मनिक, आर्य परिवार तथा भारत हित्ती परिवार भी कहा जाता है। भारोपीय परिवार की 10 शाखाएं हैं, जिन्हें दो वर्गों शतम और कंतुम में बाँटा गया है। शतम वर्ग में ही भारत - ईरानी (आर्य) भाषाएँ आती हैं। डॉ. ग्रियर्सन ने भारत ईरानी को तीन उपवर्गों में बाँटा है-

1. ईरानी
2.दारद
3.भारतीय आर्यभाषा

41. अर्धमागधी से निकली आधुनिक भाषा कौन सी है?

Correct Answer: (a) पूर्वी हिंदी
Solution:अर्धमागधी से निकली आधुनिक भाषा पूर्वी हिन्दी है। अर्धमागधी प्राचीन काल में मगध की साहित्यिक एवं बोलचाल की भाषा थी। जैन धर्म के 24वें तीर्थकर महावीर स्वामी ने इसी भाषा में आपने धर्मापदेश दिये थे।

42. संस्कृत के तत्सम शब्दों के हिंदी में परिवर्तित रूप को क्या कहते हैं?

Correct Answer: (a) तद्भव
Solution:संस्कृत के तत्सम शब्दों के हिन्दी में परिवर्तित रूप को राजव कहते हैं। जैसे-
सूची-Iसूची-II
संस्कृततद्भव हिन्दी में
अहममैं
वचनबोली
अर्धआधा
प्रियपिय, पिया

उत्पत्ति की दृष्टि से शब्दों के पार भेद हैं- (1) तत्सम (2) तन्जव (3) देशज एवं (4) विदेशी शब्द जिन शब्दों के खण्ड सार्थक न हो. उन्हें 'रूढ़' कहते हैं, जैसे- नाक, कान, पीला, झट पर 'देशज' वे शब्द हैं. जिनकी व्युत्पति का पता नहीं चलता ये अपने ही देश में बोलचाल से बने हैं. इसलिए इन्हें देशज कहते हैं। जैसे कटरा, ठुमरी, कटोरा, चराक खखरा, पगड़ी, आदि।

43. कौन से बादशाह ने अपनी राजमुद्राओं पर देवनागरी लिपि को समुचित स्थान दिया था?

Correct Answer: (c) शेरशाह सूरी
Solution:शेरशाह सूरी ने अपनी राजमुद्राओं पर देवनागरी लिपि को समुचित स्थान दिया था। शुद्धता के लिए उसके फारसी के फरमान फारसी और देवनागरी लिपि में समान रूप से लिखे जाते थे।

देवनागरी लिपि में लिखित हिन्दी परिपत्र सम्राट अकबर के दरबार से निर्गत, प्रचारित किये जाते थे। हिन्दी भाषा 'देवनागरी लिपि' में, अंग्रेजी भाषा 'रोमन लिपि' में और उर्दू भाषा 'फारसी लिपि में लिखी जाती है। भारत के प्राचीन शिलालेखों में दो लिपियाँ मिलती हैं (1) ब्राह्मी लिपि (2) खरोष्ठी लिपि।

44. िम्न विकल्पों में से उस विकल्प का चयन कीजिए जो दिए गए शब्द का पर्यायवाची शब्द नहीं है। अखंड

Correct Answer: (c) अनंत
Solution:'अखंड' शब्द 'अनन्त' का पर्यायवाची शब्द नहीं है। कुछ अन्य शब्दों के पर्यायवाची शब्द निम्न हैं- अखण्ड - पूर्ण,समस्त, सम्पूर्ण, अविभक्त, समूचा. पूरा। गदहा- खर, गर्दभ, रासभ, बेशर, पक्रीवान, धूसर।

सरस्वती - भारती, वाक, वागीशा, वीणापाणि, हंसवाहिनी। सुन्दर - रुचिर, चारू, रम्य, रमणीक, चित्ताकर्षक, ललित । पण्डित - सुधी, कोविद, बुध, धीर,प्रात, विषक्षण। समूह - वृन्द,गण, संघ, पुंज, टल. टोली, जत्था।

45. आधुनिक भारतीय आर्य भाषाओं का विकास किससे हुआ है?

Correct Answer: (d) अपभ्रंश से
Solution:आधुनिक भारतीय आर्य भाषाओं काविकास अपभ्रंश से हुआ है। भारतीय आर्य भाषा समूह को काल क्रम की दृष्टि से निम्न वर्गों में बाँटा गया है-

(अ) - प्राचीन भारतीय आर्य-भाषा (1500 ई.पू. - 500 ई. पू.)
(ब) - मध्यकालीन भारतीय आर्यभाषा (500 ई.पू. 1000 ई. तक)
(स) - आधुनिक भारतीय आर्य भाषा (1000 से अब तक)

46. नीचे दिए गए शब्द का संधि विच्छेद वाला विकल्प पहचानिए?

अन्तर्धान

Correct Answer: (d) अंतः + धान
Solution:'अंतर्धान' शब्द का सन्धि विच्छेद 'अंतःथान' होगा। यह विसर्ग सन्धि का उदाहरण है। यदि विसर्ग के पहले 'अ' और 'आ'को छोड़कर कोई दूसरा स्वर आये और विसर्ग के बाद कोई स्वर हो या किसी वर्ग का तृतीय चतुर्व या पंचम वर्ण हो या य.र.ल.व.ह. हो तो विसर्ग के स्थान पर 'र' हो जाता है।

जैसे-

निझर = निर्झर
दुः+गन्ष = दुर्गन्ध
निःगुण = निर्गुण
दु:+ आत्मा = दुरात्मा

47. हिंदी शब्द का संबंध संस्कृत के किस शब्द से जाना जाता है?

Correct Answer: (c) सिंधु
Solution:'हिन्दी' शब्द का सम्बन्ध संस्कृत के 'सिन्धु शब्द से माना जाता है। सिंध नदी के आसपास की भूमि और वहाँ रहने वाले लोगों को सिंधु कहा जाता था। कालान्तर में ईरानी भारत के अधिकाधिक भागों से परिचित होते गए

और उनके द्वारा यह शब्द 'हिन्द' उच्चारित होने लगा। यूनानी शब्द 'इंडिका' और अंग्रेजी शब्द 'इंडिया'को इसी 'हिन्दी का'विकसित रूप कहा जा सकता है। 'हिन्दी का' में 'का' अक्षर का लोप होने से 'हिन्दी शब्द बनकर सामने आया।

48. खड़ी बोली हिंदी काउद्धव किस अपभ्रंश से हुआ है?

Correct Answer: (d) शौरसेनी
Solution:खड़ी बोली हिन्दी का उद्भव शौरसेनी अपभ्रंश से हुआ है। खड़ी बोली अनेक नामों से अभिहित की गई है यथा हिंदुई, हिंदवी, दक्खिनी, रेख्खता, हिंदोस्तानी, हिन्दुस्तानी आदि।

डॉ. त्रियर्सन ने इसे 'वर्नाक्युलर हिन्दुस्तानी तथा डॉ. सुनीतिकुमार चटर्जीने इसे 'जनपदीय हिन्दुस्तानी' का नाम दियाहै। खड़ी बोली हिन्दी की पाँच उपभाषाएँ और अठारह बोलियाँ शामिल है।

49. भाषा का निर्माण होता है:

Correct Answer: (c) व्यक्त ध्वनियों से
Solution:भाषा का निर्माण व्यक्त ध्वनियों से होता है। अर्थात् हम जो ध्वनि व्यक्त करते हैं उसी से ही भाषा निर्मित होती है। भाषा का रूप उच्चारण तथा लिपि के माध्यम से प्रेषित होता है। उच्चारण वह ध्वनि संकेत है. जो शारीरिक अवयवों के माध्यम से व्यक्त होता है।

50. 'अ' की बारहखड़ी 'देवनागरी लिपि सुधार समिति' ने अस्वीकृत कर दी। उससमिति के अध्यक्ष कौन थे?

Correct Answer: (c) आचार्य नरेन्द्र देव
Solution:'अ' की बारहखडी देवनागरी लिपि सुधार समिति ने अस्वीकृत कर दी। इस समिति के अध्यक्ष आचार्य नरेन्द्र देव थे। सर्वत्रयम बालगंगाधर तिलक ने 'तिलक फॉट बनाकर देवनागरी लिपि सुधार का आरम्भ किया।

सर्वत्रयम सावरकर बन्धुओं ने 'अ' की बारह खड़ी तैयार की तथा महात्मा गाँधी के 'हरिजन सेवक' में इसका प्रयोग हुआ। सर्वत्रयम डॉ. श्याम सुन्दर दास ने पंचमाक्षर के स्थान पर अनुस्वार के प्रयोग का प्रस्ताव रखा।

डॉ. सुनीति कुमार चटर्जी ने कतिपय परिवर्तनोंके साथ देवनागरी लिपि के स्थान पररोमन लिपि को स्वीकार कर लेने का सुझाव दिया था।