TGT and PGT (Hindi previous year questions) (Part-XI)

Total Questions: 50

1. रसरतन के रचयिता है।

Correct Answer: (b) पुहकर
Solution:रसरतन के रचयिता 'पुहकर' हैं। इसका रचनाकाल संवत् 1673 है। जानकवि सूफी कवियों में सबसे अधिक रचना करने वाले कवि हैं। शेखनबी की प्रमुख रचना 'ज्ञानदीप' है। इसमें राजा ज्ञानदीप और रानी देवयानी की कथा वर्णित है।

2. आलवार वैष्णवों की संख्या है

Correct Answer: (d) 12
Solution:आलवार वैष्णवों की संख्या 12 है। दक्षिण भारतीय वैष्णव भक्तों को आलवार कहते हैं। आलवारों ने कृष्ण और राम दोनों की आराधना की है। इनका संबंध दक्षिण भारत के केरल प्रान्त से था।

3. 'रामचरित मानस' में वीभत्स रस का प्रयोग किन काण्डों में मिलता है?

Correct Answer: (a) अरण्यकाण्ड और लंकाकाण्ड
Solution:'रामचरित मानस' में वीभत्स रस का प्रयोग अरण्यकाण्ड और लंकाकाण्ड में मिलता है। रामचरित मानस की रचना तुलसीदास ने संवत् 1631 में किया था। मानस में सात काण्ड हैं। अयोध्याकाण्ड को रामचरित मानस का 'हृदयस्थल' कहा जाता है। रामचरित मानस अवधी भाषा में रचित एक महाकाव्य है।

4. सीता को प्रधानता देकर लिखा गया काव्य 'सीतायन' के रचयिता

Correct Answer: (d) रामप्रिया शरण
Solution:सीता को प्रधानता देकर लिखा गया काव्य 'सीतायन' के रचयिता 'रामप्रिया शरण' है। नाभादास तुलसी के समकालीन रामभक्त कवि थे। नाभादास ने हिंदी में भक्तमाल परम्परा का सूत्रपात किया इनके गुरु का नाम अग्रदास था। इन्होंने ब्रजभाषा में 'भक्तमाल' की रचना किया।

5. समग्र भक्तिकालीन काव्य पर कौन-सी विशेषता लागू होती है?

Correct Answer: (c) अहंकार का त्याग
Solution:दिये गये विकल्प के अनुसार समग्र भक्तिकालीन काव्य पर 'अहंकार का त्याग' विशेषता लागू होती है। भक्तिकालीन कवियों में अहंकार की भावना का अभाव था तथा कबीर जैसे भक्त कवियों ने सामान्य जनमानस को भी अहंकार से दूर रहने का संदेश दिया है।

6. निम्नलिखित को सुमेलित कीजिए तथा नीचे दिये गये कूटकी सहायता से सही उत्तर चुनिएः

सूची-I (लक्षण ग्रंथ)सूची-II (आचार्य)
(A) रसिक प्रिया(1) चिंतामणि
(B) काव्य प्रकाश(2) भर्तृहरि
(C) ललित ललाम(3) कुलपति मिश्र
(D) रस रहस्य(4) केशवदास

कूटः 

ABCD
(a)2341
(b)4123
(c)3412
(d)1234
Correct Answer: (b)
Solution:प्रश्नानुसार दिये गये कूट का सही सुमेल निम्नलिखित है-
लक्षण ग्रंथआचार्य
(A) रसिक प्रिया(1) केशवदास
(B) काव्य प्रकाश(2) चिंतामणि
(C) ललित ललाम(3) भर्तृहरि
(D) रस रहस्य(4) कुलपति मिश्र

7. रीतिकाल की सर्वाधिक व्यापक प्रवृत्ति

Correct Answer: (a) नायिका भेद और श्रृंगार रस विवेचन
Solution:रीतिकाल की सर्वाधिक व्यापक प्रवृत्ति 'नायिका भेद और श्रृंगार रस' विवेचन है।' इस युग में श्रृंगारी रचनाओं की प्रधानता रही। यह युग मुक्तक-रचना का युग रहा। मुख्यतः कवित्त, सवैया, दोहे इस युग में लिखे गये।

8. विज्ञान गीता _____ की कृति है।

Correct Answer: (a) केशवदास
Solution:'विज्ञान गीता' केशवदास की कृति है। केशवदास की अन्य प्रमुख रचनाएँ हैं- रसिक प्रिया, रामचन्द्रिका, कविप्रिया, रतन बावनी, वीरसिंह देव चरित, छंदमाल इत्यादि।

सूरदास- साहित्य लहरी, सूरसागर, सूरसारावली तुलसीदास- रामचरित मानस, वैराग्य संदीपनी, रामाज्ञा प्रश्न, जानकी मंगली, दोहावली, विनय पत्रिका इत्यादि।

9. 'भाषा भूषण' के रचयिता हैं

Correct Answer: (d) जसवंत सिंह
Solution:भाषा भूषण के रचयिता 'जसवंत सिंह' हैं। ये रीतिकाल के प्रमुख कवियों में से हैं। इनकी प्रमुख रचनाएँ निम्नलिखितहैं- अपरोक्ष सिद्धान्त, सिद्धान्त बोध, अनुभव प्रकाश इत्यादि।

10. रीतियुगीन कवियों का सर्वाधिक प्रिय छंद रहा

Correct Answer: (a) सवैया
Solution:रीतियुगीन कवियों का सर्वाधिक प्रिय छंद 'सवैय्या' रहा है। रीतिकाल को तीन भागों में विभक्त किया जा सकता है-