TGT and PGT (Hindi previous year questions) (Part-XIII)

Total Questions: 50

1. पंडित जवाहर लाल नेहरू और ब्रह्मावर्त के पृथु के बीच विलक्षण साम्य किस नाटक में है?

Correct Answer: (d) पहला राजा
Solution:पंडित जवाहर लाल नेहरू और ब्रह्मावर्त के पृथु के बीच विलक्षण साम्य 'पहला राजा' नाटक में है। यह जगदीश चन्द्रमाथुर द्वारा रचित नाटक है। जगदीशचन्द्र माथुर द्वारा रचित अन्य नाटक हैं- कोणार्क, शारदीया, रघुकुल रीति, दशरथनंदन आदि।

'पहला राजा' नाटक के सन्दर्भ में लेखक की उक्ति है "यह नाटक न पौराणिक है, न ऐतिहासिक, न यथार्थवादी। यह तो एक 'मार्डन एलिगोरी आधुनिक अन्योक्तिका मंचीय रूप है।"

2. बकरी किसकी रचना है?

Correct Answer: (b) सर्वेश्वर दयाल सक्सेना
Solution:बकरी सर्वेश्वर दयाल सक्सेना की रचना है। यह इनका प्रसिद्ध नाटक है। सर्वेश्वर दयाल सक्सेना के अन्य नाटक हैं लडाई (1979), अब गरीबी हटाओ। ये जनवादी नाटककार हैं। इनके नाटक लोक नाट्य शैली में आबद्ध हैं।

3. किस कृति को संगीत नाटक अकादमी का प्रथम पुरस्कार (1959)प्राप्त हुआ है?

Correct Answer: (a) आषाढ़ का एक दिन
Solution:'आषाढ़ का एक दिन' को संगीत नाटक अकादमी का प्रथम पुरस्कार (1959 ई.) प्राप्त हुआ। यह मोहन राकेश द्वारा रचित नाटक विधा की रचना है। मोहन राकेश द्वारा रचित अन्य रचनाएँ हैं- लहरों के राजहंस, आधे अधूरे,पैर तले जमीन, बहुत बड़ा सवाल आदि।

4. “यदि गद्य कवियों की कसौटी है, तो निबन्ध गद्य की कसौटी है" यह कथन किसका है?

Correct Answer: (a) रामचंद्र शुक्ल
Solution:"यदि गद्य कवियों की कसौटी है, तो निबन्ध गद्य की कसौटी है" यह कथन रामचंद्र शुक्ल है। आचार्य शुक्ल के निबंध चिन्तामणि नाम से चार भागों में प्रकाशित हैं।

5. किस प्रकार के निबन्धों में बुद्धितत्व प्रमुख होता है?

Correct Answer: (d) विचारात्मक
Solution:'विचारात्मक' निबन्धों में बुद्धितत्व प्रमुख होता है।

विचारात्मक निबंध - इस प्रकार के निबंध में कोई भी विषय बड़ी सोच समझकर चुना जाता है। इनमें बुद्धितत्व प्रधान होता है।

तथा ये प्रायः किसी व्यक्तिगत, सामाजिक या राजनीतिक समास्या पर लिखे जाते हैं। दहेज प्रथा, बाल विवाह तथा पर्यावरण आदि किसी भी विषय पर यह निबंध लिखा जा सकता है।

6. हिन्दी निबन्ध का उत्कर्ष काल है

Correct Answer: (c) शुक्ल युग
Solution:हिन्दी निबन्ध का उत्कर्ष काल 'शुक्ल युग' है। आचार्यरामचन्द्र शुक्ल ने लिखा है- "यदि गद्य कवियों या लेखकों की कसौटी है तो निबन्ध गद्य की कसौटी है।

भाषा की पूर्ण शक्ति का विकास निबन्धों में ही सबसे अधिक सम्भव है।" इनके प्रमुख निबंध हैं-भाव या मनोविकार, उत्साह, करुणा, घृणा, ईर्ष्या, काव्य में रहस्यवाद, श्रद्धा और भक्ति आदि।

7. इनमें से कौन-सा आचार्य हजारी प्रसाद द्विवेदी जी का नहीं है?

Correct Answer: (d) कल्पवृक्ष
Solution:'कल्पवृक्ष' हजारी प्रसाद द्विवेदी की रचना नहीं है यह अयोध्या सिंह उपाध्याय 'हरिऔध' की रचना है। हरिऔध की अन्य कृतियाँ है- माटी हो गई सोना, ठेठ हिन्दी का ठाठ आदि जबकि कल्पलता, कुटज और अशोक के फूल हजारी प्रसाद के प्रमुख निबंध हैं।

8. इनमें से कौन 'भ्रमरानंद'उपनाम से लिखा करते थे?

Correct Answer: (a) विद्यानिवास मिश्र
Solution:विद्यानिवास मिश्र 'भ्रमरानंद' उपनाम से लिखा करते थे। ये प्रतिष्ठित निबंधकार है। इनके प्रमुख निबंध निम्नलिखित हैं- छितवन की छाँह, हल्दी दूब, तुम चन्दन हम पानी, मैनें सिल पहुँचाई, मेरे राम का मुकुट भीग रहा है, भ्रमरानंद के पत्र, अंगद की नियति, शेफाली झर रही है, शिरीष की याद आई इत्यादि ।

9. हरिशंकर परसाई के व्यंग्यात्मक निबन्धों का लक्ष्य क्याहै?

Correct Answer: (a) पाठकों को वास्तविकता के प्रति और खोलना
Solution:हरिशंकर परसाई के व्यंग्यात्मक निबन्धों का लक्ष्य 'पाठकों को वास्तविकता के प्रति और खोलना' है। हरिशंकर परसाई के प्रमुख निबंध हैं- पगडंडियों का जमाना, जैसे उनके दिन फिरे, सदाचार की ताबीज, शिकायत मुझे भी है, ठिठुरता हुआ गणतंत्र, वैष्णव की फिसलन आदि।

10. आलोचना को 'कला की सजगता' किसने कहा है?

Correct Answer: (a) मिडिलटन मरे
Solution:आलोचना को 'कला की सजगता' मिडिलटन मरे ने कहा है। ये एक पाश्चात्य आलोचक हैं- इनके ग्रंथ का नाम 'दि प्राब्लम आफ स्टाइल'है।