TGT and PGT (Hindi previous year questions) (Part-XIII)

Total Questions: 50

31. सुची-I को सूची-II से सुमेलित कीजिए तथा नीचे दिये गये कूट की सहायता से सही उत्तर चुनिएः

Correct Answer: (c)
Solution:प्रश्नानुसार सुची-I को सूची-II का सही सुमेल निम्नलिखित है-
रसस्थायी भाव
श्रृंगाररति
अद्भुतविस्मय
शांतनिर्वेद
वीरउत्साह

32. इनमें से कौन-सी छंदशास्त्र की प्रथम पुस्तक है?

Correct Answer: (b) छन्द सूत्र
Solution:'छन्द सूत्र' छंदशास्त्र की प्रथम पुस्तक है। 'छन्द' शब्द का सर्वप्रथम उल्लेख ऋग्वेद में मिलता है। 'छन्द' शास्त्र के व्यवस्थित परम्परा का सूत्रपात पिंगलाचार्य के 'छन्दसूत्र' से होता है। इस लिए इसे 'पिंगल शास्त्र' भी कहते हैं जबकि 'काव्य प्रकाश' मम्मट की रचना और 'रसिक प्रिया' केशवदास की रचना है।

33. गुणों की सही संख्या है

Correct Answer: (a) छप्पय
Solution:गणों की सही संख्या 'आठ' है। मात्राओं और वर्णों की संख्या और क्रम की सुविधा के लिये तीन वर्षों के समूह को एक गण माना जाता है। आठ गण हैं- यगण, मगण, तगण, रगण, जगण, भगण, नगण और सगण।

34. इनमें से किस छन्द में प्रथम व अंतिम शब्द समान होता है?

Correct Answer: (b) कुण्डलिनी
Solution:कुण्डलिया छन्द में प्रथम व अंतिम शब्द समान होता है। यह विषम मात्रिक छन्द है। यह छः चरणों वाला छन्द है। दोहा और रोला छन्दों को मिलाने से यह छन्द बनता है। छप्पय भी विषम मात्रिकछः चरणों वाला छंद है।

35. “मैं सुकुमारि! नाथ बन जोगू?”- इस पंक्ति में कौनसा अलंकार है?

Correct Answer: (d) काकु वक्रोक्ति
Solution:'मैं सुकुमारि नाथ बन जोग।'इस पंक्ति में 'काकु वक्रोक्ति' अलंकार है। कंठ ध्वनि की विशेषता से अन्य अर्थ कल्पित हो जाना ही काकु वक्रोक्ति है।

यहाँ अर्थ परिवर्तन मात्र कंठ ध्वनि के कारण होता है, शब्द के कारण नहीं। भामह ने वक्र शब्द और अर्थ की उक्ति को काव्य अलंकार मानकर और कुंतक ने वक्रोक्ति को काव्य का जीवन मानकर वक्रोक्ति को सर्वाधिक महत्त्व दिया है।

36. बिम्ब का काम है।

Correct Answer: (b) काव्य को सजीव बनाना
Solution:बिम्ब का काम है काव्य को सजीव बनाना है। बिम्ब शब्द अंग्रेजी के 'इमेज' का हिन्दी रूपान्तर है, इसका अर्थ है "मूर्त रूप प्रदान करना"। काव्य में कार्य के मूर्तीकरण के लिए सटीक बिम्ब योजना होती है। काव्य में बिम्ब को वह शब्द चित्र माना जाता है जो कल्पना द्वारा ऐंद्रिय अनुभवों के आधार पर निर्मित होता है।

37. मनोवैज्ञानिक आलोचना के मूल में है

Correct Answer: (d) वैयक्तिक चिंतन
Solution:मनोवैज्ञानिक आलोचना के मूल में 'वैयक्तिक चिंतन'है। मनोवैज्ञानिक आलोचना प्रणाली वह आलोचना प्रणाली है जिसमें आलोचना का आधार किसी कृति के पीछे का मनोविज्ञान होता है।

इसमें रचनाकारके आन्तरिक जीवन, उसके स्वभाव, परिस्थितियों और प्रभावों का अध्ययन किया जाता है और तब देखा जाता है कि कृति का आधार क्या है। इस आलोचना प्रणाली का उपयोग युरोप में सर्वप्रथम 18वीं शताब्दी के पूर्वार्द्ध में एडिसन द्वारा किया गया जिन्हें इस प्रणाली का जनक माना जाता है।

38. किस छन्द में चार से अधिक चरण होते हैं?

Correct Answer: (c) छप्पय
Solution:छप्पय छन्द में चार से अधिक चरण होते हैं। यह विषम मात्रिक छन्द है। इसमें छः चरण होते हैं। यह दो छन्दों के मिश्रण से बनता है। इसमें चार चरण रोला के तथा दो चरण उल्लाला का होता है। इसके प्रत्येक चरण में 24- 24 मात्राएँ होती हैं।

39. 'उन्नतमना' शब्द का सही अर्थ है।

Correct Answer: (d) उच्च भावों एवं विचारों से युक्त
Solution:'उन्नतमना' शब्द का सही अर्थ है उच्च भावों एवं विचारों से युक्ता

40. संविधान के किस अनुच्छेद में कहा गया है कि “संघ की राजभाषा हिन्दी और लिपि देवनागरी होगी।”

Correct Answer: (a) अनुच्छेद 343
Solution:संविधान के 'अनुच्छेद 343' में कहा गया है कि "संघ की राजभाषा हिन्दी और लिपि देवनागरी होगी।" 14 सितम्बर 1949 ई. को भारत के संविधान में हिन्दी को राजभाषा की मान्यता दी गई।

भारतीय संविधान के भाग 17 में अनुच्छेद 343-351 तक राजभाषा का संविधान में प्रावधान किया गया है तथा संविधान की आठवीं अनुसूची में 22 भाषाओं को मान्यता प्रदान की गई है।