TGT and PGT (Hindi previous year questions) (Part-XIII)Total Questions: 5041. इनमें से किस ग्रंथ में लिखा है कि अग्नि परीक्षा के बाद सीता जैन धर्म में दीक्षित हो जाती है?(a) महापुराण(b) परमात्म प्रकाश(c) भविष्यतकहा(d) पउमचरिउCorrect Answer: (d) पउमचरिउSolution:'पउमचरिउ'ग्रंथ में लिखा है कि अग्नि परीक्षा के बाद सीता जैन धर्म में दीक्षित हो जाती हैं। पउमचरिउ स्वयंभू द्वारा रचित ग्रन्थ है। इस ग्रंथ में राम का चरित्र विस्तार से वर्णित है। स्वयंभू को अपभ्रंश भाषा का वाल्मीकि तथा व्यास कहा जाता है। परमात्म प्रकाशजोइन्दु की, भविसयत्तकहा-धनपाल तथा महापुराणपुष्पदंत की रचना है।42. स्थापना (A): अनुभव की प्रामाणिकता दलित और स्त्री लेखन की मूल शर्त है।तर्क (R): क्योंकि साहित्यकार वर्ग चेतना से प्रतिबद्ध होता है। उपर्युक्त वक्तव्यों के आधार पर नीचे दिए गये विकल्पों में से सहीउत्तर चुनिएः(a) (A) और (R) दोनों सही हैं(b) (A) गलत (R) सही है(c) (A) सही (R) गलत है(d) (A) और (R)दोनों गलत हैंCorrect Answer: (c) (A) सही (R) गलत हैSolution:दिये गये प्रश्न के अनुसार स्थापना (A) अनुभव की प्रामाणिकता दलित और स्त्री लेखन की मूल शर्त है। यह सही कथन है और तर्क (R) क्योंकि साहित्यकार वर्ग चेतना से प्रतिबद्ध होता है।यह असंगत कथन है। स्थापना और तर्क में स्थापना (A) सही है पर तर्क (R), स्थापना (A) की सही व्याख्या नहीं करता है। अतः सही उत्तर विकल्प (A)सही और (R) गलत होगा।43. इनमें से सही अनुक्रम कौन-सा है?(a) काव्यानुशासन, साहित्य दर्पण, रस मंजरी, रस गंगाधर(b) साहित्य दर्पण, काव्यानुशासन, रस गंगाधर, रस मंजरी(c) रस मंजरी, साहित्य दर्पण, रस गंगाधर, काव्यानुशासन(d) काव्यानुशासन, साहित्य दर्पण, रस गंगाधर, रस मंजरीCorrect Answer: (d) काव्यानुशासन, साहित्य दर्पण, रस गंगाधर, रस मंजरीSolution:प्रश्नगत ग्रंथों का सही अनुक्रम निम्नलिखित होगा-ग्रंथरचनाकारसमयकाव्यानुशासनहेमचन्द्र11वीं शतीसाहित्य दर्पणविश्वनाथ14वीं शतीरस गंगाधरपंडित राज जगन्नाथ17वीं शती का प्रथम चरणरस मंजरीभानुदत्त15वीं शती44. निम्नलिखित पत्रिकाओं के प्रकाशन का सही अनुक्रम है(a) हंस, आलोचना, रविवार, सरस्वती(b) आलोचना,सरस्वती, रविवार, हंस(c) रविवार, हंस, सरस्वती, आलोचना(d) सरस्वती, हंस, आलोचना, रविवारCorrect Answer: (d) सरस्वती, हंस, आलोचना, रविवारSolution:प्रश्नानुसार दी गई पत्रिकाओं के प्रकाशन का सही अनुक्रम निम्नलिखित हैपत्रिकाप्रकाशन वर्ष (ई.)सम्पादकसरस्वती1900श्यामसुन्दर दासहंस1930प्रेमचंदआलोचना1951शिवदान सिंह चौहानरविवार1977सुरेन्द्र प्रताप सिंह45. इनमें से ______ कृदंत है?(a) मिठाई(b) लड़ाई(c) दवाई(d) ताईCorrect Answer: (b) लड़ाईSolution:'लड़ाई' में कृदंत प्रत्यय है। क्रिया के अन्त में प्रत्यय लगाकर जो क्रियाएँ बनती है, उन्हें 'कृदंत क्रिया' कहते हैं।46. साहित्य(i) शिवेतर रक्षते है। (ii) सामान्य के लिए है। (iii) सबका हित चाहता है। (iv) का कार्य बिंब का निर्माण करना है।(a) i, ii(b) i, ii, iii(c) ii, iii, iv(d) iii, ivCorrect Answer: (b) i, ii, iiiSolution:प्रश्नानुसार 'साहित्य' की निम्नलिखित विशेषताएँ हैं-(i) साहित्य शिवेतर रक्षते हैं। (ii) साहित्य सामान्य के लिए है। (iii) साहित्य सबका हित चाहता है।47. 'इंदुमती' किस विधा की रचना है?(a) नाटक(b) कहानी(c) निबंध(d) उपन्यासCorrect Answer: (b) कहानीSolution:'इंदुमती' कहानी शिया की रचना है। इन्दुमती कहानी के लेखक किशोरीलाल गोस्वामी हैं। इसका प्रकाशन 1900 ई. में हुआ था। आचार्य रामचन्द्र शुक्ल ने 'इन्दुमती' को हिन्दी की प्रथम ही माना है। इन्दुमती को मोतिक कहानी न मानकर शेक्सपीयर के नाटक टेम्पेस्ट का प्रानुवाद माना जाता है।48. 'आकाशदीप' और 'पुरस्कार' किस कहानीकार रचनाएँ हैं?(a) रमेशचन्द्र शुक्त(b) पद्रव शर्मा गुलेरी(c) जयशंकर प्रसाद(d) जैनेन्द्रCorrect Answer: (c) जयशंकर प्रसादSolution:'आकाशदीप' और 'पुरस्कार'जयशंकर प्रसाद की कहनियाँहैं। जयशंकर प्रसाद शायावाद युग के प्रसिद्ध कवि हैं। उनकी प्रसिद्ध कहानी संग्रह हैं- छाया प्रतिष्यनि, आकाशदीप, आंधी, इन्द्रजाल आदि।49. इनमें से कौन प्रगतिवादी धारा का कवि नहीं है?(a) केदारनाथ अग्रवाल(b) त्रिलोचन(c) नागार्जुन(d) अयोध्या सिंह उपाध्याय हरिऔधCorrect Answer: (d) अयोध्या सिंह उपाध्याय हरिऔधSolution:अयोध्या सिह उपाध्याय 'हरिऔध' प्रतिवादी धारा के कवि नहीं हैं। ये द्विवेदी युग के कवि हैं। इनकी प्रमुख रचनाएँ- जिस रसकतरा ही वनवास आदि। जबकि केदारनाथ विलोचन तथा नागर्जुन प्रतिवादी धारा के कवि हैं।50. किसकी कविता में छायावाद प्रगतिवाद और प्रयोगवाद तीनों के लक्षण पाए जाते हैं।(a) शमशेर बहादुर सिंह(b) मुक्तिबोध(c) भवानी प्रसाद मित्(d) सर्वेश्वर दयाल सक्सेनाCorrect Answer: (a) शमशेर बहादुर सिंहSolution:शमशेर बहादुर सिंह की कविता में छायावाद, प्रगतिवाद, और प्रयोगवाद तीनों के लक्षण पाये जाते हैं। शमशेर बहादुर सिंह दूसरे सप्तक के कवि हैं। इनकी प्रमुख कविताएँ हैंअमन का राग, एक पीली शाम, धूप कोठरी के आईने में खड़ी, घिर गया है समय का रथ तथा समय साम्यवादी आदि। जबकि मुक्तिबोध, भवानी प्रसाद मिश्र तथा सर्वेश्वर दयाल सक्सेना प्रयोगवादी धारा के कवि हैं।Submit Quiz« Previous12345