TGT and PGT (Hindi previous year questions) (Part-XIX)Total Questions: 5041. प्रयोजनवती लक्षणा के भेद हैं:(a) गौणी, शुद्धा(b) शुद्धा, रूढ़ा(c) शाब्दी, आर्थी(d) गौणी, रूढ़ाCorrect Answer: (a) गौणी, शुद्धाSolution:प्रयोजनवती लक्षणा के भेद गौणी एवं शुद्धा है। प्रयोजनवती लक्षणा में किसी विशेष प्रयोजन की सिद्धि के लिए लक्षणा की जाती है। जैसे-बहुत सी तलवारे मैदान में आ गई इस वाक्य में हम तलवार का अर्थ तलवार ही करके रह जाते हैं तो अर्थ में बाधा पड़ती है। अतः जिस लक्षणा द्वारा यह अर्थ लिया वह प्रयोजनवती हुई।42. सात्विक अनुभाव कितने प्रकार के हैं(a) 12(b) 8(c) 6(d) 10Correct Answer: (b) 8Solution:सात्विक अनुभाव आठ प्रकार के होते हैं। भरतमुनि ने 'नाट्य शास्त्र' में भावों की संख्या 49 माना है। जिसमें आठ स्थायी भाव, आठ सात्विक अनुभाव तथा 33 संचारी भाव हैं। आठ सात्विक अनुभाव इस प्रकार हैं- (1) स्तम्भ (2) स्वेद् (3) स्वरभंग (4) वेपथु (कम्पन) (5) वैवर्ण्य (रंग उड़ जाना) (6) अनुपात (7) रोमांच (8) प्रलया43. काव्य का अनिवार्य तत्व क्या नहीं है?(a) शब्द तत्व(b) अलंकार तत्व(c) अर्थ तत्व(d) भाव तत्वCorrect Answer: (b) अलंकार तत्वSolution:'अलंकार तत्त्व' काव्य का अनिवार्य तत्त्व नहीं है, यह काव्य का शोभाविधायक तत्त्व है। शब्द तत्त्व, अर्थ तत्त्व तथा भाव तत्त्व के बिना काव्य सृजन संभव नहीं, अतः ये काव्य के अनिवार्य तत्त्व हैं।44. रस निष्पत्ति में 'उत्पत्तिवाद' का संबंध किससे है?(a) शंकुक(b) भट्ट लोल्लट(c) अभिनव गुप्त(d) भट्टनायकCorrect Answer: (b) भट्ट लोल्लटSolution:रस सूत्र के व्याख्याता एवं उनसे सम्बन्धित प्रमुख वाद का विवरण निम्न भाँति है-आचार्यसिद्धान्त/वाददार्शनिक मतभट्ट लोल्लटउत्पतिवाद/आरोपवादमीमांसा दर्शनशंकुकअनुमिति वादन्याय दर्शनभट्ट नायकभुक्ति या भोगवादसांख्य दर्शनअभिनवगुप्तअभिव्यक्तिवादशैव दर्शन45. मम्मट के काव्य प्रयोजन में कौन-सा शामिल नहीं है?(a) कन्ता के समान उपदेश(b) कान्ता के समान उपदेश(c) अमंगल का नाश(d) लोकातीत आनंदCorrect Answer: (a) कन्ता के समान उपदेशSolution:मम्मट के काव्य प्रयोजन में 'कन्ता के समान उपदेश'शामिल नहीं है। मम्मट के अनुसार काव्य प्रयोजन मेंनिम्नलिखित बातें शामिल है- (1) यश प्राप्ति (2) वित्तीय लाभ (3) लोक व्यवहार (4) शिवेतरक्षतये अमंगल का नाश (5) सद्य पर निर्वृति (तत्काल परमानन्द की प्राप्ति), (6) कान्ता सम्मित उपदेश। संबंधित सूत्र इस प्रकार है-काव्यं यशसेऽर्थवृत्ते व्यवहारविदे शिवेतरक्षतये। सद्यः परिनिर्वृतये कान्तासम्मिततयोपदेशयुजे ।।46. रस निष्पत्ति में 'भुक्तिवाद' की अवधारणा का संबंध किससे है?(a) वक्रोक्ति(b) उत्प्रेक्षा(c) उपमा(d) रूपकCorrect Answer: (b) उत्प्रेक्षाSolution:रस निष्पति में भुक्तिवाद की अवधारणा का सम्बन्ध भट्टनायक से है। शेष इस प्रकार हैं-भट्ट लोल्लटउत्पति या आरोपवादभट्ट शंकुकअनुमितिवादअभिनव गुप्तअभिव्यक्तिवाद47. उपमेय में उपमान के निषेधरहित आरोप होने पर कौन सा अलंकार होगा?(a) वक्रोक्ति(b) उत्प्रेक्षा(c) उपमा(d) रूपकCorrect Answer: (d) रूपकSolution:विवरण इस प्रकार है-रूपक - उपमेय में उपमान के निषेधरहित आरोप होने पर रूपक अलंकार होता है। उपमा - दो वस्तुओं में समान धर्म के प्रतिपादन को उपमा कहते हैं। उत्प्रेक्षा - उपमेय में कल्पित उपमान की सम्भावना को उत्प्रेक्षा कहते हैं। वक्रोक्ति - किसी अन्य अभिप्राय से कहे हुए वाक्य का दूसरे व्यक्ति द्वारा श्लेष अथवा काकु उक्ति से अन्य अर्थ कल्पित किया जाना।48. ओज गुण का संबंध किस रस सेहै?(a) रौद्र(b) श्रृंगार(c) शान्त(d) करुणCorrect Answer: (a) रौद्रSolution:'ओज' गुण का सम्बन्ध रौद्र रस से है। जबकि शृंगार,करुण तथा शान्त माधुर्य गुण के अन्तर्गत आते है।49. व्याकरण विरुद्ध प्रयोगों में कौन-सादोष माना जाता है?(a) च्युत-संस्कृति(b) क्लिष्टत्व(c) श्रुति कटुत्व(d) संदिग्धत्वCorrect Answer: (a) च्युत-संस्कृतिSolution:व्याकरण विरुद्ध प्रयोगों में 'च्युत संस्कृति काव्यदोष माना जाता है। दृष्टकूट पदों में प्रयुक्त ऐसी शब्दावली जिसका अर्थ गुणा भाग करके कठिनाई से निकलता है, क्लिष्टत्व दोष से युक्त मानी जाती है। जैसे- 'नखत वेद ग्रह जोरि अर्द्ध करि को बरजै हम खात'।50. निम्नलिखित में से कौन सा अर्थ दोष के अंतर्गत आता है?(a) कष्टार्थत्व(b) न्यूनपदत्व(c) अप्रयुक्तत्व(d) अधिक पदत्वCorrect Answer: (a) कष्टार्थत्वSolution:'कष्टार्थत्व' अर्थ दोष के अन्तर्गत आता है। शेष शब्द दोष है।Submit Quiz« Previous12345