TGT and PGT (Hindi previous year questions) (Part-XXIV)

Total Questions: 50

31. वृत्तचित्र और नाटक के समन्वित रूप को क्या कहते हैं?

Correct Answer: (a) डाक्यू ड्रामा
Solution:वृत्तचित्र और नाटक के समन्वित रूप को 'डाक्यूड्रामा' कहते हैं। डाक्यूड्रामा टेलीविजन और फिल्म की एक शैली है, जिसमें वास्तविक घटनाओं का नाटकीय पुनः अधिनियमन होता है। इसमें वृत्तचित्र और नाटक के मिश्रण और वास्तविक घटना का तथ्य आधारित प्रतिनिधित्व के रूप में वर्णित किया जाता है।

32. विज्ञापन की भाषा के संदर्भ में कौन-सा कथन सही नहीं है

Correct Answer: (b) साहित्यिक भाषा हो।
Solution:विज्ञापन की भाषा 'साहित्यिक भाषा हो' यह कथन विज्ञापन की भाषा के संदर्भ में सही नहीं है।

33. साक्षात्कार के संबंध में कौन-सा कथन सही नहीं है?

Correct Answer: (d) साक्षात्कार समाचार की जीवंतता में बाधक है।
Solution:'साक्षात्कार समाचार की जीवंतता में बाधक है' यह कथन साक्षात्कार के संबंध में सही नहीं है।

34. अच्छे साक्षात्कार के लिए 'साक्षात्कारदाता' में कौन-सा गुण अनिवार्य नहीं है?

Correct Answer: (d) मुस्कुराहट
Solution:अच्छे साक्षात्कार के लिए 'साक्षात्कारदाता' में 'मुस्कुराहट' का गुण होना अनिवार्य नहीं है।

35. सम्पादकीय लेखन के संबंध में कौन-सा कथन सही नहींहै?

Correct Answer: (a) सम्पादकीय में संपादक निजी विचारधारा को प्रस्तुत करता है।
Solution:'संपादकीय में संपादक निजी विचारधारा को प्रस्तुत करता है।' यह कथन संपादकीय लेखन के संबंध में सही नहीं है। संपादकीय, वह संक्षिप्त और सामयिक लेख होता है जिसके माध्यम से संपादक या समाचार पत्र संबंधित विषय पर जनमत के निर्माताओं व नीति-विशेषज्ञों के द्वारा अपनी विचारधारा के परिप्रेक्ष्य में आमजन का पक्षीय विचार उत्पन्न कर सके। कह सकते हैं कि संपादक द्वारा लिखित समसामायिक अग्रलेख ही संपादकीय है।

36. प्रयोजनमूलक हिन्दी को कहा जाताहै?

Correct Answer: (b) कामकाजी हिन्दी
Solution:प्रयोजन मूलक हिन्दी को 'कामकाजी हिन्दी' अथवा 'व्यावहारिक हिन्दी' कहा जाता है। वैज्ञानिक अन्वेषणों तथा जनसंचार में हुई क्रांति के कारण प्रयोजन मूलक हिन्दी का प्रयोग अनेकानेक क्षेत्रों में बढ़ता जा रहा हैं। इसी कारण हिन्दी के राजभाषा, संचारभाषा, संपर्कभाषा, माध्यम भाषा आदि अनेक रूप से बनते जा रहे हैं।

37. निम्नलिखित में कौन सी रचना मलिक मुहम्मद जायसी की नहीं है?

Correct Answer: (d) मानक हिन्दी
Solution:दी गयी रचनाओं में 'मधुमालती' मलिक मुहम्मद जायसी की रचना नहीं है बल्कि यह सूफी कवि 'मंझन'की काव्यकृति है। इसका समय 1545 ई. है। शेष रचनाएँ आखरी कलाम, अखरावट, चित्ररेखा आदि मलिक मुहम्मद जायसी की रचनाएँहैं। 57 खण्ड में विभक्त 'पद्मावत' जायसी के प्रसिद्धि का कारण है। जायसी निर्गुण भक्ति सूफी काव्य धारा के प्रतिनिधि कवि हैं।

38. 'दोहा -चौपाई' में लिखित पदों को क्या कहते है?

Correct Answer: (a) रमैनी
Solution:'दोहा चौपाई' में लिखित पदों को 'रमैनी' कहते हैं। ध्यातव्य है कि कबीरदास के 'बीजक' में साखी' सबद एवं रमैनी नामक तीन कोटि की रचनाएँ संगृहीत हैं।

39. "कबीरदास" की वाणी का संग्रह किसने किया था?

Correct Answer: (b) धर्मदास
Solution:'कबीरदास' की वाणी का संग्रह उनके शिष्य 'धर्मदास' ने किया था। इस संग्रह का नाम 'बीजक' है। बीजक के तीन भाग किये गये हैं- (1) रमैनी (2) सबद (3) साखी। डॉ. बच्चन सिंह ने लिखा है- 'हिन्दी भक्तिकाव्य का प्रथम क्रान्तिकारी पुरस्कर्ता कबीर हैं।

40. "कबीरदास" के पश्चात कबीर की गद्दी का उत्तराधिकारी कौन बना?

Correct Answer: (b) धर्मदास
Solution:'कबीरदास' के पश्चात् कबीर की गद्दी के उत्तराधिकारी 'धर्मदास' बने। 'धर्मदास' कबीर के प्रिय शिष्य थे। कहा जता है कि धर्मदास जाति के बनिया तथा धन्य धान्य से संपन्न परिवार से सम्बद्ध थे। इन्होंने अपनी सम्पूर्ण सम्पत्ति दानकर दी थी। 'कमाल' कबीर के पुत्र थे।