TGT and PGT (Hindi previous year questions) (Part-XXIV)

Total Questions: 50

41. "पृथ्वीराज रासो" को हिंदी का प्रथम महाकाव्य किस इतिहासकार ने कहा?

Correct Answer: (c) रामचन्द्र शुक्ल
Solution:'पृथ्वीराज रासो' को हिन्दी का प्रथम महाकाव्य इतिहासकार आचार्य रामचन्द्र शुक्ल ने कहा है। आचार्य रामचन्द्र शुक्ल ने लिखा है- "चन्दबरदाई हिन्दी के प्रथम महाकवि माने जाते हैं और इनका 'पृथ्वीराज रासो' हिन्दी का प्रथम महाकाव्य है।" इसी तरह मिश्रबन्धुओं ने लिखा है- "हिन्दी का वास्तविक प्रथम महाकवि चन्दबरदाई को ही कहा जा सकता है।"

42. "पं.रामचन्द्र शुक्ल के अनुसार कबीरदास का जन्म कब मनाया जाता है?

Correct Answer: (b) विक्रम संवत 1456
Solution:'पं.रामचन्द्र शुक्ल' के अनुसार कबीरदास का जन्म जेठ सुदी पूर्णिमा, सोमवार विक्रम संवत् 1456 में माना जाता है। कबीरदास का जन्म सन् 1398 ई. में काशी के लहरतारा नामक स्थान पर हुआ था। इनकी मृत्यु 1518 ई. में मगहर नामक स्थान पर हुईथी।

43. “सूर सागर" में वर्णित श्री कृष्ण की लीलाओं का “मूलाधार श्रीमद्भागवत” का कौन सा स्कन्ध है?

Correct Answer: (d) दशम
Solution:'सूर सागर' में वर्णित श्रीकृष्ण की लीलाओं का मूलाधार श्रीमद्भागवत् का 'दशम्स्कन्ध' है। सूरसागर, सूरसारावली और साहित्य लहरी कृष्ण भक्ति धारा के प्रतिनिधि कवि सूरदास की रचनाएँ है। भागवत महापुराण का दशम स्कन्ध सूरदास कृत 'सूरसागर' का उपजीव्य ग्रन्थ है। हिन्दी साहित्य में 'भ्रमरगीत' काव्य परम्परा का प्रवर्तन सूरदासने किया।

44. निम्नलिखत दोहे में कौन सा अलंकार है? सतगुरू की महिमा अनंत, अनंत किया उपकार, लोचन अनंत उघाडिया अनंत दिखावण हार।

Correct Answer: (c) यमक
Solution:'सतगुरु की महिमा अनंत, अनंत किया उपकार, लोचन अनंत उघाडिया अनंत दिखावण हार। उक्त पंक्ति (दोहे) में यमक अलंकार है। यहाँ 'अनंत' शब्द की आवृत्ति है और इसके एकाधिक अर्थ है। जहाँ एक या एक से अधिक शब्द एक से अधिक बार प्रयुक्त हों एवं अर्थ भी प्रत्येक बार भिन्न हो, वहाँ यमक अलंकार होता है।

45. निम्नलिखित में से किसे संत कवि नहीं माना जाता है?

Correct Answer: (d) ईश्वरदास
Solution:दिये गये कवियों में 'ईश्वरदास'को सन्त कवि नहीं माना जाता है। अपितु ये भक्तिकाल के सगुणकाव्य धारा के रामभक्त कवि हैं। सन्त कवि उन्हें कहा जाता है जो ज्ञानाश्रयी निर्गुण भक्तिशाखा से सम्बद्ध हैं। प्रमुख सन्त कवि हैं- रैदास, कबीरदास, जंभनाथ, हरिदास निरंजनी, गुरूनानक, सींगा, लालदास, दादू दयाल, मलूक दास, बाबा लाल, सुन्दरदास आदि।

46. निम्नलिखितमें कौन सी प्रवृत्ति संतकाव्य की नहीं है?

Correct Answer: (a) वर्णाश्रम व्यवस्था का समर्थन
Solution:'वर्णाश्रम व्यवस्था का समर्थन' संतकाव्य की प्रवृत्ति नहीं है। अपितु संतकाव्य में सभी प्राणियों में समानता की बात कही गयी है। सभी में अलौकिक ईश्वर का अंश स्वीकार किया गया है जबकि जन जीवन का चित्रण, सदाचारादि गुणों का प्रतिष्ठान तथा लोभ, क्रोध, मोह, हिंसा की निन्दा इत्यादि संत काव्य की प्रमुख प्रवृत्तियाँहैं।

47. रामचन्द्र शुक्ल के “वीरगाथा काल” को “आदि काल” किसने कहा है?

Correct Answer: (c) हजारी प्रसाद द्विवेदी
Solution:रामचन्द्र शुक्ल के 'वीरगाथा काल' को 'आदिकाल' हजारी प्रसाद द्विवेदी ने कहा है।

48. रीतिकाल को “अलंकृत काल” किसने कहा है

Correct Answer: (d) मिश्र बन्धु
Solution:मिश्रबन्धु ने रीतिकाल को "अलंकृत काल" कहा है। रीतिकाल को भिन्न-भिन्न नाम कुछ अन्य विद्वानों द्वारा इस प्रकार प्रदान किया गया है-
नामप्रस्तोता
रीतिकाव्यजॉर्ज ग्रियर्सन
अलंकृत कालमिश्रबंधु
रीतिकालआचार्य रामचन्द्र शुक्ल
शृंगार कालआचार्य विश्वनाथ प्रसाद मिश्र
कला कालरामाशंकर शुक्ल ‘रसाल’

49. शुद्धाद्वैत दर्शन के प्रवर्तक आचार्य का नाम क्या है?

Correct Answer: (d) वल्लभाचार्य
Solution:शुद्धाद्वैत दर्शन के प्रवर्तक आचार्य का नाम 'वल्लभाचार्य' है। शेष दिये गये आचायर्यों द्वारा प्रणीत दार्शनिक सिद्धान्त निम्नलिखित हैं-
आचार्यदार्शनिक सिद्धांत
शंकराचार्यअद्वैतवाद
निम्बार्काचार्यद्वैताद्वैतवाद
मध्वाचार्यद्वैतवाद

50. हिंदी में किस कवि को राजशेखर की उपाधि से अलंकृत किया गया?

Correct Answer: (b) विद्यापति
Solution:आदिकालीन कवि 'विद्यापति' को 'राजशेखर की उपाधि से अलंकृत किया गया है। विद्यापति तिरहुत के राजा शिवसिंह एवं कीर्ति सिंह के राजदरबारी कवि थे। विद्यापति शैव सम्प्रदाय के थे