TGT and PGT (Hindi previous year questions) (Part-XXV)

Total Questions: 50

1. 'प्रत्येक देश का साहित्य वहाँ की जनता की चित्तवृत्ति का संचित प्रतिबिम्ब होता है' यह कथन किसका है?

Correct Answer: (d) राहुल सांकृत्यायन
Solution:"प्रत्येक देश का साहित्य वहाँ की जनता की चित्तवृत्ति का संचित प्रतिबिम्ब होता है।" यह कथन हिन्दी साहित्य के प्रमुख इतिहासकार एवं आलोचक आचार्य रामचन्द्र शुक्ल का है।

2. भाषा पर कबीर का जबरदस्त अधिकार था। वे वाणी के डिक्टेटर थे..... भाषा कुछ कबीर के सामने लाचार सी नज़र आती है। यह कथन किसका है?

Correct Answer: (d) डॉ. हजारी प्रसाद द्विवेदी
Solution:"भाषा पर कबीर का जबरदस्त अधिकार था। वे वाणी के डिक्टेटर थे .........भाषा कुछ कबीर के सामने लाचार सी नजर आती है।

" यह कथन 'डॉ. हजारी प्रसाद द्विवेदी' का है। आचार्य रामचन्द्र शुक्ल ने कबीर की भाषा को सधुक्कड़ी, श्यामसुन्दर दास ने पंचमेल खिचड़ी एवं बच्चन सिंह ने संतभाषा कहा है।

3. अमीर खुसरो का मूल नाम क्या था?

Correct Answer: (d) अबुल हसन
Solution:अमीर खुसरों का मूल नाम 'अबुल हसन' था। ये आदिकालीन कवि हैं। अमीर खुसरों खड़ी बोली के आदि कवि कहे जाते हैं। अमीर खुसरो की प्रसिद्ध रचनाएँ हैं खालिकबारी, पहेलियाँ, मुकरिया,दो सुखने,गज़ल आदि।

4. पं.रामचन्द्र शुक्ल ने रीतिकाल का प्रवर्तक किसको माना है?

Correct Answer: (c) चिंतामणि
Solution:पं. रामचन्द्र शुक्ल ने रीतिकाल का प्रवर्तक 'चिंतामणि' को माना है। रीतिकाल के प्रवर्तक के सम्बन्ध में विद्वानों में मतभेद है।

5. “दुर्गा सप्तशती" का 'चण्डी चरित्र' के नाम से हिंदी में अनुवाद किसने किया है?

Correct Answer: (a) गोविन्द सिंह
Solution:'दुर्गा सप्तशती' का 'चण्डी चरित्र' के नाम से हिन्दी में अनुवाद 'गोविन्द सिंह' ने किया। गुरु नानक सिख सम्प्रदाय के मूल प्रवर्तक एवं आदि गुरु माने जाते हैं। इनकी प्रमुख रचनाएँ हैं- जपुजी, आसदीबार, रहिरास, सोहिला। 'जपुजी' में नानक दर्शन का सार तत्व है।

6. हिंदी साहित्य के इतिहास का काल-विभाजन करने वाले प्रथम इतिहासकार कौन है?

Correct Answer: (b) जार्ज गियर्सन
Solution:हिन्दी साहित्य के इतिहास का काल-विभाजन करने वाले प्रथम इतिहासकार जॉर्ज ग्रियर्सन हैं। ग्रियर्सन ने अपने इतिहास में केवल प्रवृत्तिगत काल-विभाजन किया है।

7. “दुःख ही जीवन की कथा रही,क्या कहू आज जो नहीं कही।” किस कवि की पंक्तियां हैं?

Correct Answer: (c) सूर्यकान्त त्रिपाठी 'निराला'
Solution:तुलसीदास ने कलियुग का वर्णन कवितावली के 'उत्तरकाण्ड' में किया है। 'रामचरितमानस' के उत्तरकाण्ड में भी कलिकाल का वर्णन हुआ है। कवितावली ब्रजभाषा में रचित है। इसके उत्तरकाण्ड में काशी (बनारस) में तत्कालीन समय में फैली महामारी का वर्णन किया गया है।

8. तुलसीदास ने कलियुग का वर्णन कवितावली के किस काण्ड में किया है?

Correct Answer: (a) उत्तरकाण्ड
Solution:तुलसीदास ने कलियुग का वर्णन कवितावली के 'उत्तरकाण्ड' में किया है। 'रामचरितमानस' के उत्तरकाण्ड में भी कलिकाल का वर्णन हुआ है। कवितावली ब्रजभाषा में रचित है। इसके उत्तरकाण्ड में काशी (बनारस) में तत्कालीन समय में फैली महामारी का वर्णन किया गया है।

9. यह कथन किसका है?

“वात्सल्य और श्रृंगार के क्षेत्रों का जितना अधिक उद्घाटन सूर ने अपनी बंद आँखों से किया है, उतना किसी अन्य कवि ने नहीं। इन क्षेत्रों का वे कोना- कोना झाँक आये हैं।

Correct Answer: (b) पं. रामचन्द्र शुक्ल
Solution:'पं. रामचन्द्र शुक्ल' ने कृष्णाश्रयी शाखा के प्रतिनिधि कवि सूरदास की विशेषताओं का वर्णन करते हुए कहा है "वात्सल्य और श्रृंगार के क्षेत्रों का जितना अधिक उद्घाटन सूर ने अपनी बंद आँखों से किया उतना किसी अन्य कवि ने नहीं।

इन क्षेत्रों का वे कोना-कोना झाँक आये है।" हजारीप्रसाद द्विवेदी ने सूरदास के विषय में कहा है- "सूरदास जब अपने विषय का वर्णन शुरू करते हैं तो मानो अलंकार शास्त्र हाथ जोड़कर उनके पीछे दौड़ा करता है।"

10. भरतहि होय न राजमद, विधि हरि हर पद पाय। कबहुँक काजी सीकरनि क्षीर सिन्धु विलगाय ।। इस दोहे में कौन सा अलंकार है?

Correct Answer: (b) दृष्टान्त
Solution:"भरतहि होय न राजमद विधि हरि हर पद पाइ। कबहुँक कॉजी सीकरनि क्षीर सिन्धु विलगाय ।।" उक्त पंक्ति में दृष्टान्त अलंकार है। जहाँ उपमेय और उपमान के साधारण धर्म का बिम्ब प्रतिबिम्ब भाव प्रदर्शित किया जाये तथा वाचक शब्द का उल्लेख न हो, वहाँ दृष्टान्त अलंकार होता है।