TGT and PGT (Hindi previous year questions) (Part-XXV)

Total Questions: 50

31. निम्नलिखित छन्द में कौन सा अलंकार है। माधव धनि आएल कट भाँती प्रेम हेम परखा ओल कसौटी, भादव कहु तिथिराति ।

Correct Answer: (a) लुप्तोपमा
Solution:"माधव धनि आएल कट भाँती प्रेम हेम परखा ओल कसौटी,भादव कहु तिथि राति।" उक्त छन्द में परम्परित रूपक अलंकार प्रयुक्त है। परम्परित रूपक में एक रूपक के द्वारा दूसरे रूपक की पुष्टि होती है।

32. निम्नलिखित में शृंगार- रस की दृष्टि से नायक का कौन सा भेद नहीं है?

Correct Answer: (c) धीर प्रशान्त
Solution:श्रृंगार रस की दृष्टि से दिये गये नायकों में 'धीर प्रशान्त' नायक का भेद नहीं है। शेष अनुकूल, शठ एवं दक्षिण श्रृंगार रस की दृष्टि से नायक के भेद हैं। एक अन्य भेद 'धृष्ठ' है जबकि धीरप्रशान्त, धीरललित, धीरोदात्त, धीरोद्धत आदि भेद नायक के हैं। ये भेद आचार्य भरतमुनि ने किए हैं।

33. निम्नलिखत में कौन सा अभिनय का भेद नहीं है?

Correct Answer: (a) भारती
Solution:'भारती' अभिनय का भेद नहीं है बल्कि यह नाट्यवृत्ति है। नाट्यशास्त्र में मूलतः चार नाट्यवृत्तियाँ हैं- 1. भारती 2. सात्तवती 3. कैशिकी एवं 4. आरभटी। अभिनय के मूलतः चार प्रकार माने गये हैं- 1. आंगिक कायिक 2. सात्विक 3. वाचिक 4. आहार्य।

34. निम्नलिखित में कौन सी रचना जयशंकर प्रसाद की नहीं है?

Correct Answer: (a) रश्मि
Solution:दी गयी रचनाओं में 'रश्मि'जयशंकर प्रसादकी रचना नहीं है। 'रश्मि' महादेवी वर्मा की रचना है।

35. निम्नलिखित पंक्तियाँ कामायनी के किस सर्ग की है?

"नारी तुम केवल श्रद्धा हो, विश्वास रजत नग पगतल में, पीयूष स्त्रोत सी बहा करो जीवन के सुन्दर समतल मेंיי

Correct Answer: (a) लज्जा
Solution:"नारी तुम केवल श्रद्धा हो, विश्वास रजत नग पगतल में, पीयूष स्त्रोत सी बहा करो, जीवन के सुन्दर समतल में।" उक्त पंक्ति जयशंकर प्रसाद कृत कामायनी महाकाव्य के लज्जा सर्ग से ली गई है। उर्वशी, झरना, आँसू, लहर, कामायनी आदि इनकी अन्यरचनाएँ हैं।

36. “कामायनी" में किस दर्शन की अभिव्यक्ति मिलती है?

Correct Answer: (d) शैव
Solution:जयशंकर प्रसाद कृत 15 सर्गीय महाकाव्य कामायनी में 'शैव दर्शन' की अभिव्यक्ति मिलती है। आचार्य शान्तिप्रिय द्विवेदी ने कामायनी को छायावाद का उपनिषद कहा है। इसमें समरसतावाद एवं आनन्दवाद की उद्भावना हुई है।

37. यह कथन किसका है?

“वस्तु विन्यास की दृष्टि से कामायनी को दुखान्त रचना मान लेने में कोई आपत्ति नहीं।"

Correct Answer: (b) पं. नन्द दुलारे बाजपेयी
Solution:"वस्तु विन्यास की दृष्टि से कामायनी को दुखान्त रचना मान लेने में कोई

38. यह संवाद किसका है?

"रोने से भीख माँगने से कुछ अधिकार मिलता है? जिसके हाथों में बल नहीं, उसका अधिकार ही कैसा?"

Correct Answer: (b) भटार्क
Solution:"रोने से भीख माँगने से कुछ अधिकार मिलता है? जिसके हाथों में बल नहीं, उसका अधिकार ही कैसा?" यह संवाद भटार्क का है। यह कथन जयशंकर प्रसाद के प्रमुख नाटक स्कन्दगुप्त से है।

39. राजनीति साहित्य नहीं है उसमें एक-एक का महत्त्व है। कभी एक क्षण के लिए भी चूक जायें, तो बहुत बड़ा अनिष्ट हो सकता है। राजनीतिक जीवन की धुरी में बने रहने के लिए व्यक्ति को बहुत जागरूक रहना पड़ता है। यह किसका कथन है?

Correct Answer: (b) प्रियगु मंजरी
Solution:राजनीति साहित्य नहीं है उसमें एक-एक का महत्त्व है। कभी एक क्षण के लिए भी चूक जायें, तो बहुत बड़ा अनिष्ट हो सकता है।

राजनीतिक जीवन की धुरी में बने रहने के लिए व्यक्ति को बहुत जागरूक रहना पड़ता है।" यह कथन मोहन राकेश कृत नाटक 'आषाढ़ का एक दिन' की प्रमुख स्त्री पात्र प्रियंगु मंजरी का है।

40. कामायनी की प्रमुख पात्र इड़ा किसका प्रतीकार्थहै?

Correct Answer: (c) बुद्धि
Solution:कामायनी की प्रमुख पात्र इड़ा 'बुद्धि' का प्रतीकार्थहै। कामायनी में प्रमुख प्रतीक एवं पात्र इस प्रकार प्रयुक्त है-
प्रतीकपात्र
मनमृग
हृदयअब्द
बुद्धिइड़ा
मानवकुमार