TGT and PGT (Hindi previous year questions) (Part-XXV)

Total Questions: 50

41. यह कथन किसका है?

“कामायनी” का महाकाव्यत्व असंदिग्ध है।

Correct Answer: (c) डॉ.नगेन्द्र
Solution:"कामायनी' का महाकाव्यत्व असंदिग्ध है।" कामायनी के सम्बन्ध में यह कथन डॉ. नगेन्द्र का है। कामायनी का अंगीरस 'शान्त रस' है तथा इसका मुख्य छन्द 'ताटंक छंद' है। कामायनी की प्रारम्भिक पंक्तियाँ आल्हा छन्द में रचित हैं

42. वह कौन सा दोष है जो सौ सौ गुणों में भी नहीं छिपता ?

Correct Answer: (b) दारिद्रय
Solution:'दारिद्रय' ऐसा दोष है,जो सौ-सौ गुणों में भी नहीं छिपता है।

43. प्रसाद जी के नाटकों में स्कन्दगुप्त को श्रेष्ठ किसने कहा है?

Correct Answer: (b) रामचन्द्र शुक्ल
Solution:प्रसाद जी के नाटकों में 'स्कन्दगुप्त' को श्रेष्ठ 'रामचन्द्र शुक्ल' ने कहा है। 'स्कन्दगुप्त' की रचना 1928 ई. में हुई। इसमें कुमार गुप्त के विलासी साम्राज्य की उस स्थिति का चित्रण हुआ है। जहाँ आन्तरिक कलह,संघर्ष और विदेशी आक्रमण के फलस्वरूप उसके भावी क्षय के लक्षण प्रकट होने लगे थे।

44. “चम्पूकाव्य उर्वशी” के रचयिता कौन है?

Correct Answer: (d) जयशंकर प्रसाद
Solution:चम्पूकाव्य 'उर्वशी' के रचयिता जयशंकर प्रसाद हैं। यह जयशंकर प्रसाद की प्रथम पुस्तकाकार रचना है। इसका प्रकाशन वर्ष 1909 ई. में हुआ।

जबकि दिनकर कृत उर्वशी (1961 ई.) को 'गीति-नाट्य' माना जाता है। दिनकर को इसी कृति पर 1972 ई.में भारतीय ज्ञानपीठ पुरस्कार प्रदान किया गया।

45. "राम की शक्ति पूजा" की रचना निराला जी ने कब की थी?

Correct Answer: (a) 1936 ई.
Solution:सूर्यकान्त त्रिपाठी निराला द्वारा रचित लम्बी कविता 'राम की शक्ति पूजा' की रचना 1936 ई. में हुई। इसका उपजीव्य बांग्ला का 'कृतिवास रामायण' है।

46. शुक्ल जी ने ऐसा किस निबंध में कहा है? "हम मूर्ख बलहीन और आलसी हो गए है। हमारा धन विदेश चला जाता है, रुपये का डेढ़ पाव घी बिकता है, स्त्री शिक्षा का अभाव है।"

Correct Answer: (b) कविता क्या है
Solution:आचार्य रामचन्द्र शुक्ल ने अपने निबन्ध 'कविता क्या है' में कहा है - "हम मूर्ख, बलहीन और आलसी हो गए हैं। हमारा धन विदेश चला जाता है, रुपये का डेढ़ पाव घी बिकता है, स्त्री शिक्षा का अभाव है।"

47. निम्नलिखित में दलित जीवन पर आधारित कहानी कौन सी है?

Correct Answer: (c) ठाकुर का कुआँ
Solution:दी गयी सभी कहानियाँ कथा सम्राट मुंशी प्रेमचन्द की हैं। 'ठाकुर का कुआँ दलित जीवन पर आधारित कहानी है। इनकी कहानी 'ईदगाह में यह संदेश दिया गया है कि परिस्थितियाँ एक बालक को प्रौढ़ो जैसा सोचने परतथा व्यवहार करने पर विवश कर देती हैं।

48. "समकालीन मार्क्सवाद" ग्रन्थ के लेखक का नाम बताइए।

Correct Answer: (c) डॉ. विशम्भरनाथ उपाध्याय
Solution:'समकालीन मार्क्सवाद' ग्रंथ के लेखक डॉ. विश्वम्भरनाथ उपाध्याय हैं। ये प्रमुख मार्क्सवादी या प्रगतिवादी आलोचक है।

49. गीता की कसम खाकर कहती हूँ जो कहूँगी सच कहूंगी। कचहरी में तो व्यक्ति कठघरे में खड़ा कसम खाकर झूठ बोल जाता है परंतु आत्मा का कठघरा बड़ा तीखा है। यह कथन किसका है?

Correct Answer: (a) कृष्णा अग्निहोत्री
Solution:"गीता की कसम खाकर कहती हूँ कि जो कहूँगी सच कहूँगी। कचहरी में तो व्यक्ति कठघरे में खड़ा कसम खाकर झूठ बोल जाता है,परन्तु आत्मा का कठघरा बड़ा तीखा है।" यह कथन लेखिका कृष्णा अग्निहोत्री का है।

50. जयशंकर प्रसाद द्वारा रचित ब्रजभाषा की रचनाएँ किस काव्य संग्रह में संकलित है?

Correct Answer: (c) चित्राधार
Solution:जयशंकर प्रसाद द्वारा रचित ब्रजभाषा की रचनाएँ 'चित्राधार' काव्य संग्रह में संकलित हैं। जयशंकर प्रसाद मूलतः खड़ी बोली के कवि है।खड़ी बोली में इनका प्रथम काव्य संग्रह 'कानन कुसुम' है।

इन्हें छायावाद के 'ब्रह्मा'की संज्ञा दीजाती है। इनकी प्रमुख रचनाएँ हैं उर्वशी, वन मिलन, प्रेमराज्य, अयोध्या का उद्धार, शोकोच्छवास, वध्रुवाहन, कानन कुसुम,प्रेम-पथिक, महाराणा का महत्त्व, चित्राधार, झरना, आँसू, लहर, कामायनी।