TGT and PGT (Hindi previous year questions) (Part-XXVII)

Total Questions: 50

31. उपर्युक्त पद्यांश का उचित शीर्षक है:

Correct Answer: (b) सतपुड़ा के जंगल
Solution:उपर्युक्त पद्यांश का उचित शीर्षक है - सतपुड़ा जंगल

32. निम्नलिखित पद्यांश को पढ़िए और प्रश्नों के सही उत्तर दीजिये।

घिसे, चले, मर चुके तलों को मैं निकालता। जीने वाले जानदार में तले डालता।। सीकर, पालिश से चमकाकर,मैं उबारता। जूतों से बाबू लोगों की धज संवारता । मैं पथ की पटरी पर बैठा कला बेचता।

जूतों के चलने में सबका भला देखता ।। मैं तो उस ऊँची आत्मा की नहीं जानता। मैं तो उस ऊँची आत्मा को नहीं जानता। मानव जिसकी ऊँचाई के गुन बखानता ।

कविता में मानव किसकी ऊँचाई के गुण बखानता है।

Correct Answer: (c) ईश्वर
Solution:कविता में मानव 'ईश्वर' की ऊँचाई के गुण बखानता है।

33. उपर्युक्त पद्य का उचित शीर्षक है।

Correct Answer: (a) मोची
Solution:उपर्युक्त पहा का उचित शीर्षक 'मोची'है।

34. मैं पथ की पटरी पर बैठा कला बेचता पंक्ति में है।

Correct Answer: (d) मोची
Solution:"मैं पथ की पटरी पर बैठा कला बेचता" इस पंक्ति के केन्द्र में 'मोची' है।

35. 'जूतों से बाबू लोगों की धज सँवारता' से कवि का आशय है।

Correct Answer: (a) सुंदरता बढ़ाना
Solution:'जूतों से बाबू लोगों की धज सँवारता' से कवि का आशय है - सुंदरता बढ़ाना।

36. निम्नलिखित गद्यांश को पढ़िए और उसका सही उत्तर दीजिये।

अपने ही कल्पना-पट पर इन अनुभव प्रक्षेपणों के सही-सही कलात्मक चित्र प्रस्तुत करने के लिए, न केवल मार्मिक मनन और उनके संकलन संचयन की आवश्यकता है, वरन इसके बहुत-बहुत पहले विश्व-दृष्टि की आवश्यकता है।

इस दृष्टि के अभाव में अपने ही अनुभवों के ठीक-ठीक महत्व हम आँक नहीं पाते और इसलिए केवल कुछविशिष्ट अनुभवों या अनुभवाभासों को ही तरजीह देकर अन्य महत्वपूर्ण अनुभवों का गला घोंट देते हैं। क्या यह सच नहीं है।

मेरेख्याल से यह एक तथ्य है। इसरुख का नतीजा यह होता है कि बहुत बार हमारा साहित्यिक विकास जिस दिशा में जैसा होना चाहिए वैसा नहीं हो पाता। हम जो अनुभव,साहित्य प्रकटीकरण के लिए, प्रवृत्तिवश चुन लेते हैं उनकी हमें बाद में आदत पड़ जाती है,

उनके चित्रण-अंकन का अभ्यास हो जाने के कारण हम केवल उन्हें ही प्रकट करते रहते हैं। शेष अनुभव, अपनी गहराई, तीव्रता तथा प्रभावशालित्व के बावजूद मन के अंधेरे में पड़े रहते हैं, भले ही कभी-कभी उनकी गूंज हमारे द्वारा निर्मित साहित्य में चली आये।

 साहित्यकार का साहित्य लेखक के अनुसार प्रवृत्तिवश चयनित है।

Correct Answer: (d) अनुभव
Solution:साहित्यकार का साहित्य लेखक के अनुसार 'अनुभव' प्रवृत्तिवश चयनित है।

37. सामान्यतः लेखक अपने लेखन में प्रमुखता देताहै।

Correct Answer: (b) विशिष्ट अनुभवों को
Solution:सामान्यतः लेखक अपने लेखन में 'विशिष्ट अनुभवों को' प्रमुखता देता है।

38. उत्कृष्ट लेखक -

Correct Answer: (d) प्रवृत्तिवश अनुभवों का चयन नहीं करता
Solution:गद्यांश के अनुसार उत्कृष्ट लेखक 'प्रवृत्तिवश अनुभवों का चयन नहीं करता।'

39. . सही-सही कलात्मक चित्र प्रस्तुत करने के लिए लेखक की दृष्टिमें सर्वाधिक आवश्यक तत्व है।

Correct Answer: (d) विश्व दृष्टि
Solution:गद्यांश के अनुसार सही-सही कलात्मक चित्र प्रस्तुत करने के लिए लेखक की दृष्टि में सर्वाधिक आवश्यक तत्व विश्व दृष्टि है।

40. लेखक के अनुसार साहित्यिक विकास में मुख्य बाधक तत्व हैं।

Correct Answer: (d) विशिष्ट अनुभवों की प्रधानता
Solution:लेखक के अनुसार साहित्यिक विकास में मुख्य बाधक तत्व 'विशिष्ट अनुभवों की प्रधानता' है।