Solution:लहरों के राजहंस, आषाढ़ का एक दिन, आधे अधूरे आदि मोहन राकेश के प्रमुख नाटक है। लक्ष्मी का स्वागत, स्वर्ग की झलक, छटा बेटा, जय पराजय, अंजो दीदी, कैद आदि उपेन्द्रनाथ अश्क के प्रमुख नाटक हैं।युगे युगे क्रान्ति, टूटते परिवेश, कुहासा और किरण, डरे हुए लोग, वंदिनी, सत्ता के आर-पार आदि विष्णु प्रभाकर प्रमुख नाटक है। दुष्यंत कुमार प्रमुखतः समकालीन कवि हैं।
सूर्य का स्वागत, आवजों के घेरे, जलते हुए वन का बसंत, साये में धूप आदि इनकी प्रमुख कविताएं है। इनका एक मात्र गीतिनाट्य एक कंठ विषयायी है।