TGT and PGT (Hindi previous year questions) (Part-XXXI)

Total Questions: 50

1. आत्मकथा लेखन में सर्वाधिक प्रसिद्धि मिली है:

Correct Answer: (a) महात्मा गाँधी को
Solution:आत्मकथा लेखन में सर्वाधिक प्रसिद्धि महात्मा गाँधी को मिली है। इनकी आत्मकथा 'सत्य के प्रयोग' है। डॉ. राजेन्द्र प्रसाद ने 'आत्मकथा' नाम से आत्मकथा लिखी। जवाहरलाल नेहरू की आत्मकथा है- 'एन ऑटोबायोग्राफी: टु वर्ड फ्रीडम'लिखी।

2. 'नेपाली क्रांति' को लेकर रिपोर्ताज लिखा है:

Correct Answer: (a) फणीश्वर नाथ रेणु ने
Solution:'नेपाली क्रान्ति' रिपोर्ताज के लेखक फणीश्वर नाथ रेणु' है। रेणु के प्रमुख रिपोर्ताज है- ऋणजल धनजल, श्रुत-अश्रुत पूर्व,एकलव्य के नोट्स। विवेकीराय के रिपोर्ताज है- जुलुस रूका है, बाढ़ ! बाढ़ !! बाढ़ !!! तथा श्रीकांत वर्मा ने 'मुक्ति फौज'रिपोर्ताज की रचना की है।

3. आदिकाल के चंदरबरदाई के आश्रयदाता थेः

Correct Answer: (b) पृथ्वीराज
Solution:आदिकाल में चंदबरदाई के आश्रयदाता पृथ्वीराज थे। आचार्य रामचन्द्र शुक्ल ने लिखा हैं- 'चंदबरदाई हिन्दी के प्रथम महाकवि माने जाते है। और इनकी रचना 'पृथ्वीराज रासो' हिन्दी का प्रथम महाकाव्य है। 'पृथ्वीराज रासो' में 68 छन्दों का प्रयोग किया गया है। चंदबरदाई को 'छप्पय छंद का विशेषज्ञ माना जाता है।

4. कीर्तिलता के रचनाकार हैं:

Correct Answer: (a) विद्यापति
Solution::कीर्तिलता के रचनाकारविद्यापति है। विद्यापति की प्रमुख रचना है- कीर्तिलता, कीर्तिपताका, दुर्गाभक्त तरंगिणी भू परिक्रमा, पुरूष परीक्षा इत्यादि । अमीर खुसरों की रचना है- खालिक बारी, पहेलियाँ, मुकरिया, दो सुखने, गजल आदि। जायसी की रचना है- पद्मावत, अखरावट, आखिरी कलाम आदि है।

5. अपनी पहेलियों और मुकरियों के लिए जाने जाते हैं:

Correct Answer: (b) अमीर खुसरो
Solution:अपनी पहेलिया और मुकरियां के लिए अमीर खुसरो जाने जाते हैं। अमीर खुसरो का वास्तविक नाम अबुल हसन था। अमीर खुसरों निजामुद्दीन औलिया के शिष्य थे। अमीर खुसरो खड़ी बोली के आदि कवि कहे जाते है।

विद्यापति शैव सम्प्रदाय के कवि थे। इनको कई उपाधि से विभूषित किया गया है- अभिनव जयदेव, कवि शेखर, कवि कण्ठहार, नव कवि शेखर, खेलन कवि मैथिली कोकिल आदि।

6. निर्गुण संत थेः

Correct Answer: (d) कबीर
Solution:कबीरदास भक्तिकाल के निर्गुण संत धारा के कवि थे। इनका जन्म काशी में 1398 ई. हुआ था। सूरदास भक्तिकाल के सगुण धारा के कृष्ण भक्त कवि थे इनका जन्म 1478 ई.को सीही। रुनकता में हुआ था।

तुलसीदास जी सगुणधारा के राम भक्त कवि थे इनका जन्म 1532 ई. में राजापुर चित्रकूट में हुआ था। मीराबाई प्रमुख कृष्ण भक्त कवयित्री थी। इनका जन्म 1516 ई. में रुड़की राजस्थान में हुआ था।

7. तुलसीदास का 'रामचरित मानस' लिखा गया है:

Correct Answer: (c) दोहा-चौपाई छंद में
Solution:तुलसीदास का 'रामचरितमानस' दोहा-चौपाई छंद में लिखा गया है। 'रामचरितमानस' अवधी भाषा में लिखा गया है। इसमें सात काण्ड तथा चार संवाद हैं। रामचरितमानस में 1074 दोहा तथा शान्त रस हैं।

तुलसीदास की रचना है वैराग्य संदीपनी, रामज्ञा प्रश्न, रामलला - नहळू, जानकी मंगल, पार्वती मंगल, कृष्णगीतावली,गीतावली विनय पत्रिका, दोहावली, बरवै रामायण, कवितावली है। 'रामचरितमानस' की रचना संवत् 1631 ई. में चैत्र शुक्ल रामनवमी (मंगलवार) को हुयी।

8. अष्टछाप की स्थापना करने वाले कवि हैं:

Correct Answer: (a) विठ्ठलनाथ
Solution:अष्टछाप की स्थापना विठ्ठलनाथ ने की है। विठ्ठलनाथ ने सन् 1565 ई.में चार वल्लभाचार्य तथा चार अपने शिष्यों को साथ लेकर 'अष्टछाप' की स्थापना की। अष्टछाप के कवि हैं-

1. कुभेनदास 2. सूरदास 3. परमानदंदास 4. कृष्णदास 5. गोविन्द स्वामी 6. छीत स्वामी
7. चतुर्भुजदास 8. नंददास

9. उत्तर मध्य काल को 'रीतिकाल' नाम दिया है:

Correct Answer: (b) आचार्य रामचंद्र शुक्ल ने
Solution:उत्तर मध्य काल को 'रीतिकाल' नाम आचार्य रामचन्द्र शुक्ल जी ने दिया हैं उत्तर मध्यकाल का विभिन्न विद्वानों द्वारा दिया गया नाम
नामप्रस्तोता
रीतिकाव्यडॉ. जॉर्ज ग्रियर्सन
अलंकृत कालमिश्रबन्धु
श्रृंगारकालआचार्य विश्वनाथ प्रसाद मिश्र
कलकालडॉ. रामशंकर शुक्ल 'रसाल'
अन्धकार कालत्रिलोचन

10. 'जदपि सुजाति सुलच्छनी, सुबरन सरस सुवृत्त, भूषन बिनु न बिराजई कविता वनिता मित्त' किसकी पंक्तियाँ हैं?

Correct Answer: (c) केशवदास
Solution:'जदपि.........वनिता मित्त' पंक्ति केशवदास की है। डॉ. नगेन्द्र केशवदास को रीतिकाल का प्रवर्तक मानते है। इनका जन्म 1555 ई. को हुआ था। इनकी प्रमुख रचनाएं- रसिक प्रिया, कवप्रिया, नखशिख, छंदमाला, रामचंद्रिका, वीरसिहंदेव चरित, रतनबावनी, विज्ञानगीता और जहाँगीर जसचन्द्रिका आदि हैं।