TGT and PGT (Hindi previous year questions) (Part-XXXIV)

Total Questions: 50

1. निम्नलिखित में से कौन सा नानक की रचना नहींहै?

Correct Answer: (d) सिद्धांत पंचमात्रा
Solution:दी गई रचनाओं में 'सिद्धांत पंचमात्रा' गुरु नानक देव की रचना नहींहै। गुरु नानक देव सिख सम्प्रदाय के मूल प्रवर्तक एवं आदि गुरु थे। इनकी प्रमुख रचनाएँ हैं - जपुजी, आसदीबार, रहिरास, सोहिला।

2. 'गीतावली' की भाषा क्या है?

Correct Answer: (b) ब्रजभाषा
Solution:'गीतावली'की भाषा ब्रजभाषा है। यह गोस्वामी तुलसीदास द्वारा रचित ग्रंथ है। गोस्वामी जी का अवधी एवं ब्रजभाषा पर समान अधिकार था। 'रामचरितमानस' की भाषा अवधी है, जबकि इनके द्वारा रचित ब्रजभाषा की रचनाएँ है - गीतावली, कृष्ण गीतावली, विनय पत्रिका, दोहावली, कवितावली।

3. 'प्रभु जी तुम चंदन हम पानी, जाकी अंग अंग बास समानी।' यह किसकी काव्य पंक्ति है?

Correct Answer: (b) रैदास
Solution:'प्रभु जी तुम चंदन हम पानी, जाकी अंग अंग बास समानी।' यह काव्य पंक्ति निर्गुण काव्य धारा के संत कवि रैदास' की है। संत रैदास (रविदास) प्रसिद्ध कृष्ण भक्त कवयित्री मीराबाई के गुरु हैं।रैदास के 40 पद 'गुरु ग्रंथ साहब' में संकलित हैं।

4. शंकराचार्य ने किस दार्शनिक मत का निरूपण किया?

Correct Answer: (a) अद्वैतवाद
Solution:दार्शनिक मतों के निरूपण कर्ता के युग्म निम्न प्रकार हैं-

दार्शनिक मत निरूपण कर्ता

सूची-Iसूची-II
अज्ञानवादशंकराचार्य
दैत्यवादमाध्वाचार्य
दैतैद्रवादनिम्बाकांचार्य
विशिष्टदैत्रवादरामानुजाचार्य

5. 'सीता त्रिजटा संवाद' रामचरितमानस के किस काण्ड में वर्णित है?

Correct Answer: (b) सुंदरकाण्ड
Solution:'सीता-त्रिजटा संवाद' रामचरितमानस के सुंदरकाण्ड में वर्णित है। सुंदरकाण्ड की अन्य महत्वपूर्ण घटनाएँ - लंका दहन, रामसेतु का निर्माण इत्यादि हैं। ध्यातव्य है कि रामचरितमानस में कुल सात काण्ड हैं, क्रमानुसार इनका वर्णन इस प्रकार है- (1) बालकाण्ड, (2) अयोध्याकाण्ड, (3) अरण्यकाण्ड, (4) किष्किन्धाकाण्ड, (5) सुन्दरकाण्ड, (6) लंकाकाण्ड (7) उत्तरकाण्ड।

6. 'दशरथ सुत तिहुँ लोक बखाना।

राम नाम का मरम है आना।'
इन पंक्तियों के माध्यम से कबीर क्या कहना चाहते हैं?

Correct Answer: (b) मेरे राम-नाम का मर्म कुछ और है
Solution:'दशरथ सुत तिहुँ लोक बखाना। राम नाम का मरम है आना।' इन पंक्तियों के माध्यम से कबीर दास कहना चाहते है कि मेरे राम- नाम का मर्म (भेद) कुछ और है।

दशरथ पुत्र राम सगुण भक्ति के केन्द्र में है वे शरीर धारी हैं तथा गुणों के माध्यम से उनकी प्राप्ति संभव है, परन्तु कबीर के राम गुणातीत एवं घट-घट वासी हैं, ज्ञान के अभाव में उनकी प्राप्ति संभव नहीं।

7. साधना के तीन अवयव बताए गए हैं - कर्म, ज्ञान और .............

Correct Answer: (c) भक्ति
Solution:साधना के तीन अवयव बताए गए हैं - कर्म, ज्ञान और भक्ति। इसी के माध्यम से मोक्ष की अवस्था को प्राप्त किया जा सकता है। सभी संत कवियों ने अपनी आराधना में इसी को मोझ प्राप्ति का प्रमुख मार्ग बताया है, जिसमें भक्तिसबसे महत्त्वपूर्ण है।

8. निम्नलिखित में से कौन सी कबीर की वाणी की विशेषता नहीं है?

Correct Answer: (b) मूर्तिपूजा, तीर्थाटन आदि का महत्व
Solution:मूर्तिपूजा, तीर्थाटन आदि का महत्व कबीर की वाणी की विशेषता नहीं है बल्कि कबीर इन सब धार्मिक आडम्बरों की घोर निन्दा की है। द्रष्टव्य है 'आतम मारि पखानहि पूजहिं उनमें कछु नहिं ज्ञाना।

9. कबीर ने अपने निर्गुण पंथ में वह कौन सा तत्व शामिल किया जिसका नाथपंथ में अभाव था?

Correct Answer: (a) भारतीय वेदांत और सूफियों का प्रेमतत्व
Solution:कबीर ने अपने निर्गुण पंथ में 'भारतीय वेदांत और सूफियों के प्रेमतत्व' को शामिल किया जिसका नाथपंथ में अभाव था।

10. निम्नलिखित में से कौन सा कथन कबीर के संबंध में उचित नहीं है।

Correct Answer: (d) उनके राम वैष्णवों के राम ही थे।
Solution:'उनके राम वैष्णवों के राम ही थे' यह कथन कबीर के संबंध में उचित नहीं है। कबीर ने अन्यत्र स्पष्ट कहा है - 'दशरथ सुत तिहुँ लोक बखाना राम नाम का मरम है आना।'