TGT and PGT (Hindi previous year questions) (Part-XXXIV)

Total Questions: 50

11. निम्नलिखित में से कौन सी पुस्तक जायसी की नहीं है?

Correct Answer: (a) मृगावती
Solution:'मृगावती' मलिक मुहम्मद जायसी की पुस्तक नहीं है, बल्कि यह 1501 ई. में अवधी भाषा एवं दोहा-चौपाई रचित कुतुबन की रचना है। मलिक मुहम्मद जायसी की प्रसिद्ध रचनाएँ इस प्रकार हैं- पद्मावत, अखरावट, आखिरी कलाम, चित्ररेखा, कहरानामा,  मसलानामा, कन्हावत आदि।

12. 'गोरख जगायो जोग, भगति भगायो लोग' यह किसने कहा है?

Correct Answer: (a) तुलसीदास
Solution:'गोरख जगायो जोग, भगति भगायो लोग' यह तुलसीदास जी ने कहा है। उक्त पंक्ति 'कवितावली' से है। इस कथन के माध्यम से तुलसीदास ने यह बताया है कि गोरखनाथ (नाथ पंथ के आरम्भ कर्ता) ने योग के द्वारा भक्ति को इतना कठिन बना दिया कि वह साधारण जन के पहुँच से दूर होगयी।

13. 'रामचरितमानस' में कुल कितने काण्ड है?

Correct Answer: (a) सात
Solution:गोस्वामी तुलसीदास कृत 'रामचरितमानस' में कुल सात काण्ड है। इनका क्रमशः विवरण इस प्रकार है - (1) बाल काण्ड, (2) अयोध्या काण्ड, (3) अरण्य काण्ड, (4) किष्किन्धा काण्ड, (5) सुंदरकाण्ड, (6) लंका काण्ड तथा (7) उत्तर काण्ड ।

14. दादू दयाल का जन्म कहाँ हुआ था ?

Correct Answer: (a) अहमदाबाद
Solution:दादू दयाल का जन्म अहमदाबाद में हुआ था। दादू दयाल के सम्प्रदाय को 'ब्रह्म सम्प्रदाय' या 'परब्रह्म सम्प्रदाय' नाम से भी जाना जाता है। दादू दयाल की वाणियों का सर्वप्रथम सम्पादन उनके शिष्य संतदास और जगन्नाथदास ने 'हरडे वाणी' शीर्षक से किया था पुनः रज्जब ने 'अंगबधू शीर्षक से इसका सम्पादन किया।

15. 'पद्मावत' की रचना शैली क्या है?

Correct Answer: (d) फारसी की मसनवी शैली
Solution:मलिक मुहम्मद जायसी कृत 'पद्मावत' की रचना शैली फारसी की मसनवी शैली है। इस शैली के अंतर्गत प्रारम्भ में अल्लाह हजरत मुहम्मद, उनके चार मित्र, गुरु और उस वक्त के बादशाह की वंदना की जाती है।

16. जिस प्रकार स्वामी रामानंद जी ने विष्णु के अवतार राम की उपासना पर जोर दिया उसी प्रकार किस आचार्य ने कृष्ण को लेकर जनता को रसमग्न किया?

Correct Answer: (c) वल्लभाचार्य
Solution:जिस प्रकार स्वामी रामानंद जी ने विष्णु के अवतार राम की उपासना पर जोर दिया उसी प्रकार वल्लभाचार्य ने कृष्ण को लेकर जनता को रसमग्न किया। सूरदास कृष्ण काव्यधारा के एवं तुलसीदास रामभक्ति काव्य के प्रमुख भक्त कवि हैं।

17. अपने पौरुष से हताश जाति के लिए भगवान की शक्ति और करुणा की ओर ध्यान ले जाने के अतिरिक्त दूसरा मार्ग ही क्या था?'

Correct Answer: (a) रामचंद्र शुक्ल
Solution:अपने पौरुष से हताश जाति के लिए भगवान की शक्ति और करुणा की ओर ध्यान ले जाने के अतिरिक्त दूसरा मार्ग ही क्या था?' भक्तिकाल के संबंध में यह कथन आचार्य रामचंद्र शुक्ल का है। हजारी प्रसाद द्विवेदीने इस संबंध में कहा है - "लेकिन जोर देकर कहना चाहता हूँ

कि अगर इस्लाम नहीं आया होता तो भी इस साहित्य का बारह आना वैसा ही होता जैसा आज हैं।" द्विवेदी जी के अभिमत से भक्ति साहित्य भारतीय चिन्तन धारा का स्वाभाविक विकास है। आचार्य शुक्ल ने भक्ति आन्दोलन को इस्लामिक आक्रमण की प्रतिक्रिया माना है।

18. 'रामचरितमानस' की रचना में कुल कितना समय लगा?

Correct Answer: (d) दो वर्षसात महीने
Solution:'रामचरितमानस' की रचना करने में गोस्वामी तुलसीदास को दो वर्ष सात महीने का समय लगा। 'रामचरितमानस' की रचना संवत 1631 में चैत्र शुक्ल रामनवमी (मंगलवार)को प्रारम्भ हुई। इसकी रचना में कुल दो वर्ष सात माह और 26 दिन लगे।

19. 'पिउ सों कहेहु संदेसड़ा, हे भौंरा हे काग।

सो धनि बिरहै जरि मुई, तेहिक धुआँ हम्ह लाग।'
इन पंक्तियों में कौन सा छंद है?

Correct Answer: (b) दोहा
Solution:'पिउ सों कहेहु संदेसड़ा, हे भौरा हे कागा सो धनि बिरह जरि मुई, तेहिक धुआँ हम्ह लाग।' उक्त पंक्ति में दोहा छंद है। दोह अर्थ सममात्रिक छन्द है। जिसके पहले एवं तीसरे चरण में 13-13 तथा दूसरे एवं चौथे चरण में 11-11मात्राएँ होती हैं।उपयुक्त पंक्ति मलिक मुहम्मद जायसी कृत 'पद्मावत' की पंक्ति है।

20. 'मोहि का हँसेसि कि कोइरहि? इसका क्या तात्पर्य है?

Correct Answer: (c) मुझ पर हँसते हो या उसकुम्हार पर
Solution:'मोहि का हँसेसि कि कोहरहि' इसका तात्पर्य है कि मुझ पर हँसते हो या उस कुम्हार पर। एक बार मलिक मुहम्मद जायसी की प्रसिद्धि सुनकर शेरशाह सूरी ने उन्हें अपने दरबार में बुलवाया और उपस्थित होने पर जायसी के रंग एवं कुरुपत्व को देखकर शेरशाह सूरी हंस दिया,तो जायसी ने इसी उक्ति के साथ प्रश्न किया।

इस परशेरशाह सूरी को अपनी भूल का एहसास हुआ। ध्यातव्य है कि जायसी रंग के काले, चेहरे पर चेचक के दाग थे, साथ ही साथ वे एक आंख से काने थे।