TGT and PGT (Hindi previous year questions) (Part-XXXV)

Total Questions: 50

11. 'गुनाहों का देवता' किसकी रचना है?

Correct Answer: (b) धर्मवीर भारती
Solution:'गुनाहों का देवता' धर्मवीर भारती की रचना है। इनकी अन्य रचनाएँ - सूरज का सातवां घोड़ा, अंधा युग (गीति नाट्य), ठेले पर हिमालय, कहनी - अनकहनी, पश्यंती,मानव मूल्य और साहित्य, कनुप्रिया, ठंडा लोहा, सपना अभी भी, सात गीत वर्ष आदि।

12. 'उसने कहा था' कहानी का प्रकाशन वर्ष क्या है?

Correct Answer: (b) 1915 ई.
Solution:'उसने कहा था' कहानी का प्रकाशन वर्ष 1915 ई.है। यह कहानी प्रथम विश्वयुद्ध के पृष्ठभूमि में लिखी गई तथा जिसका प्रतिपाद्य अशरीरी (उदात्त) प्रेम है। इस कहानी के लेखक चंद्रधर शर्मा 'गुलेरी' जी हैं। इस कहानी के प्रमुख पात्र लहना सिंह, सुबेदारनी तथा वजीरा सिंह हैं।

13. 'संसद से सड़क तक' किसने लिखा है?

Correct Answer: (c) सुदामा पाण्डेय
Solution:'संसद से सड़क तक' सुदामा पाण्डेय ने लिखा है। इनकी अन्य रचनाएँ सुदामा पाण्डेय का प्रजातंत्र, कल सुनना मुझे, मोचीराम, लोहे का स्वाद आदि। 1979 ई. में इन्हें मरणोपरांत 'कल सुनना मुझे' काव्य संग्रह के लिए साहित्य अकादमी पुरस्कार से सम्मानित किया गया।

14. 'सिंदूर की होली' नाटक के रचयिता कौन हैं?

Correct Answer: (d) लक्ष्मीनारायण मिश्र
Solution:सिंदूर की होली' नाटक के रचयिता लक्ष्मीनारायण मिश्र हैं। इनके अन्य नाटक हैं - संन्यासी, राक्षस का मंदिर, राजयोग, आधी रात, नारद की वीणा, अश्वमेघ, अशोक, मुक्ति का रहस्य आदि। बदरीनाथ भट्ट के नाटक चुंगी की उम्मीदवारी, लबड़धोंधो हैं।

वियोगी हरि का नाटक 'प्रबुद्ध यामुन' है तथा उदयशंकर भट्ट के नाटकविक्रमादित्य, सागर विजय,विद्रोहिणी अम्बा, दाहर व सिंधपतन आदि।

15. प्रगतिवादी साहित्य उसे माना गया जो .........

Correct Answer: (a) सामाजिक यथार्थ की अभिव्यक्ति को उद्देश्य मानकर लिखा गया हो
Solution:प्रगतिवादी साहित्य उसे माना गया जो सामाजिक यथार्थ की अभिव्यक्ति को उद्देश्य मानकर लिखा गया हो। केदारनाथ अग्रवाल, नागार्जुन,त्रिलोचन आदि प्रमुख प्रगतिवादी कवि हैं।

16. प्रसाद जी ने अपनी किस रचना में 'आनंद' की प्रतिष्ठा दार्शनिकता के ऊपरी आभास के साथ कल्पना की भूमिका बनाकर दी है?

Correct Answer: (c) कामायनी
Solution:प्रसाद जी ने अपनी कामायनी रचना में 'आनंद' की प्रतिष्ठा दार्शनिकता के ऊपरी आभास के साथ कल्पना की भूमिका बनाकर दी है। शान्तिप्रिय द्विवेदी ने कामायनी को छायावाद का उपनिषद कहा है। इसमें कुल 15 सर्ग है। जयशंकर प्रसाद, निराला, सुमित्रानंदन पंत, महादेवी वर्मा आदि प्रमुख छायावादी कवि हैं।

17. किस धारा का काव्य भौतिक तथा आध्यात्मिक के द्वैत और संघर्ष की ज्वलंत आधुनिक समस्या से जूझने का प्रयास है?

Correct Answer: (c) छायावाद
Solution:छायावादी काव्य भौतिक तथा आध्यात्मिक के द्वैत और संघर्ष की ज्वलंत आधुनिक समस्या से जूझने का प्रयास है।

18. 'शिवशम्भु का चिट्ठा' किसने लिखा है?

Correct Answer: (a) बालमुकुंद गुप्त
Solution:'शिवशम्भु का चिड्डा' बालमुकुंद गुप्त ने लिखा है। इन्होंने इसमें तत्कालीन गर्वनर जनरल लॉर्ड कर्जन को संबोधित करके लिखा। इनकी एक रचना 'खत और चिड्डे' है। ये दोनों रचनाएँ 1904-1905 ई.में भारत मित्र में प्रकाशित हुई थी।

19. निम्नलिखित में से किस कवि को नवगीत के प्रतिष्ठापक के रूप में जाना जाता है?

Correct Answer: (b) शम्भुनाथ सिंह
Solution:प्रश्नगत विकल्प में शम्भुनाथ सिंह को नवगीत के प्रतिष्ठापक के रूप में जाना जाता है। डॉ.गणपति चन्द्र गुप्त ने राजेन्द्र प्रसाद सिंह को 'नवगीत'का प्रवर्तक माना है। शम्भुनाथ सिंह की प्रमुख रचनाएँ हैं- रूप रश्मि, छायालोक, मन्वन्तर, उदयाचल, दिवालोक,जहाँ दर्द नीला है आदि।

20. पाप और पुण्य की मीमांसा में लिखा गया उपन्यास निम्नलिखित में से कौन सा है?

Correct Answer: (a) चित्रलेखा
Solution:पाप और पुण्य की मीमांसा में लिखा गया उपन्यास चित्रलेखा है। यह भगवतीचरण वर्मा द्वारा रचित उपन्यास है। इनके अन्य उपन्यास- तीन वर्ष, टेढ़े-मेढ़े रास्ते, आखिरी दाँव, भूले बिसरे चित्र, अपने खिलौने, सामर्थ्य और सीमा, रेखा, थके पाँव, वह फिर नहीं आई, सीधी सच्ची बातें,सबहि नचावत राम गोसाई आदि हैं।