TGT and PGT (Hindi previous year questions) (Part-XXXVI)

Total Questions: 50

1. 'ऐसे उल्लुओं को तो बृहस्पतिभी नहीं समझ सकते। यहाँ कौन सी शब्द-शक्ति काम कर रही है?

Correct Answer: (a) लक्षणा
Solution:'ऐसे उल्लुओं को तो बृहस्पति भी नहीं समझ सकते' इस पंक्ति में 'लक्षणा' शब्द-शक्ति काम कर रही है। जहाँ मुख्यार्थ या वाच्यार्थ में बाधा हो और रूढ़ि या लक्षणों के सहारे उससे संबंधित अर्थ की प्राप्ति की जाए, वहाँ लक्षणा शक्ति होगी।

2. निम्नलिखित में से कौन सा वर्णिक छंद नहीं है?

Correct Answer: (c) कुण्डलियाँ
Solution:कुण्डलियाँ वर्णिक छंद नहीं है। यह विषम मात्रिक छंद है। यह 6 चरण का छंद है। इसमें प्रारम्भ के 2 चरण दोहा के और शेष 4 चरण रोला के होते हैं। दूसरे चरण का अंतिम भाग तीसरे चरणके प्रारम्भ में दुहरा लिया जाता है। जिस शब्द से छन्द की शुरूआत होती है, पदान्त में भी वही शब्द आता है। शेष वार्णिक छन्द हैं।

3. भरतमुनि ने चार मूल रस माने हैं। निम्नलिखित में से कौन सा एक उनके द्वारा मान्य मूल रस नहीं हैं?

Correct Answer: (c) अद्भुत रस
Solution:दिये गये विकल्पों में 'अद्भुत रस' भरतमुनि द्वारा मान्य मूल रस नहीं है। बल्कि इसे गौण रस बताया है। इसके अंतर्गत करुण, हास्य, भयानक भी है। मूल रस के अंतर्गत वीर,श्रृंगार, रौद्र, वीभत्स आते है। भरत ने नाट्यशास्त्र में चार मूल रस तथा चार गौण रस बताया है।

4. 'अति रिस' बोले वचन कठोरा ।

कहु जड़ जनक धनुष के तोरा ।
बेगि देखाउ मूढ़ न त आजू उलटउँ महि जहँ लगि तव राज्।।'
इस काव्यांश में कौन सा रस है?

Correct Answer: (b) रौद्र रस
Solution:उपर्युक्त काव्यांश में 'रौद्र रस' है। इसका स्थायी भाव क्रोध है। शत्रु अथवा विरोधी की अनुचित चेष्टाओं अथवा उसके द्वारा किये गये अनुचित कार्यों से उत्पन्न क्रोध का वर्णन रौद्र रस होता है।

5. छंदों को पढ़ते समय कई स्थलों पर विराम लेना पड़ता है। उन विराम स्थलों को क्या कहते हैं?

Correct Answer: (a) यति
Solution:छंदों को पढ़ते समय कई स्थलों पर विराम लेना पड़ता है। उन विराम स्थलों को यति कहते हैं। जैसे 'विनय न मानत जलधि जड़, गये तीन दिन बीति । चरण, वर्ण, मात्रा, गण, यति एवं तुक छंद के प्रमुख अवयव हैं।

6. 'महराज, घर में न गाय है, न बछिया, न पैसा ।

यही पैसे हैं,यही इनका गोदान है।' '
गोदान' उपन्यास में यह किसका कथन है?

Correct Answer: (d) धनिया
Solution:'महराज, घर में न गाय है, न बछिया, न पैसा। यही पैसे हैं, यही इनका गोदान है।' 'गोदान' उपन्यास में यह कथन धनिया का है। गोदान, रंगभूमि, कर्मभूमि, सेवासदन, निर्मला आदि प्रेमचन्द के प्रमुख उपन्यास हैं।

7. 'अगर मैं तुमको ललाती सांझ के नभ की अकेली तारिका / अब नहीं कहता या शरद के भोर की नीहार न्हायी कुई / टटकी कली चम्पे की वगैरह, तो प्रस्तुत पंक्तियों अज्ञेय की किस कविता से उद्धत है?

Correct Answer: (d) कलगी बाजरे की
Solution:अगर मैं तुमको ललाती सांझ के नभ की अकेली तारिका/ अब नहीं कहता या शरद के भोर की नीहार न्हायी कुई/टटकी कली चम्पे की वगैरह, तो/ प्रस्तुत पंक्तियां अज्ञेय की कलगी बाजरे की से उधृत है। भग्नदूत, चिन्ता, इत्यलम, हरी घास पर क्षणभर आदि अज्ञेय के प्रमुख काव्य संग्रह हैं।

8. निम्नलिखित में से कौन सी रचना रघुवीर सहाय की नहीं है?

Correct Answer: (c) कितनी शांति ! कितनी शांति !
Solution::कितनी शांति ! कितनी शांति ! रचना रघुवीर सहाय की नहीं है, जबकि स्वाधीन व्यक्ति, नेता क्षमा करें, आत्महत्या के विरुद्ध रघुवीर सहाय की प्रमुख रचनाएँ हैं।

9. 'राम-रावण युद्ध में राम-रावण पर क्रोध करते है तो रावण राम के क्रोध का ...........है।'

रिक्तस्थान की पूर्ति हेतु उचित विकल्प चुनें। 

Correct Answer: (a) आलम्बन विभाव
Solution:रिक्त स्थान की पूर्ति हेतु उचित विकल्प आलम्बन विभाव होगा। 'राम-रावण युद्ध में राम-रावण पर क्रोध करते है तो रावण राम के क्रोध का आलम्बन विभाव है।' उद्दीपन की अर्थ है 'उद्दीप्त करना या बढ़ाना' स्थायी भावों को उद्दीप्त करने वाले भाव उद्दीपन हैं।

संचारी भाव का अर्थ है- संचरण करने वाले भाव। आलम्ब-उद्दीपन के कारण शरीर में होने वाली हलचल संचारी भाव हैं। आलम्बन और उद्दीपन विभावों के कारण उत्पन्न भावों को बाहर प्रकाशित करने वाले कार्य अनुभाव कहलाते हैं।

10. सुमित्रानंदन पंत की निम्नलिखित में से किस रचना पर महर्षि अरविंद का प्रभाव देखने को मिलता है?

Correct Answer: (c) स्वर्णकिरण
Solution:सुमित्रानंद पंत की स्वर्णकिरण रचना पर महर्षि अरविंद का प्रभाव देखने को मिलता है।