TGT and PGT (Hindi previous year questions) (Part-XXXX)

Total Questions: 50

1. 'परख' उपन्यास के रचयिता कौन हैं?

Correct Answer: (d) जैनेन्द्र
Solution:'परख' उपन्यास के रचयिता जैनेन्द्र हैं। जैनेन्द्र मनोवैज्ञानिक उपन्यासकार है। इनके अन्य उपन्यास इस प्रकार हैं- सुनीता, त्यागपत्र, कल्याणी, सुखदा,विवर्त, व्यतीत, जयवर्द्धन, मुक्तिबोध, अनन्तर, अनाम-स्वामी, दशार्क। जैनेन्द्र कुमार के उपन्यासों का मूल विषय काम - पीड़ा एवं अहं समर्पण है।

2. नन्हक सिंह किस कहानी का पात्र है ?

Correct Answer: (d) गुंडा
Solution:'नन्हकू सिंह' गुंडा कहानी का पात्र है। गुंडा कहानी के लेखक जयशंकर प्रसाद है। प्रसाद के अन्य कहानी संग्रह इस प्रकार हैं-छाया, प्रतिध्वनि, आकाशदीप, आँधी, इंद्रजाल, कहानी पत्थर की पुकार, उस पार का योगी, चंदा, देवदासी, ममता, खण्डहर की लिपि, घी चूड़ीवाला, पुरस्कार।
कहानीकहानीकार
दो बाँकेभगवतीचरण वर्मा
शरणागतवृन्दावनलाल वर्मा
खेलजैनेन्द्र

3. किन कवियों को 'राहों के अन्वेषी' कहा गया है?

Correct Answer: (b) प्रथम तार सप्तक के कवियों को
Solution:'राहों के अन्वेषी' प्रथम तार सप्तक के कवियों को कहा गया है। प्रथम तार सप्तक का सम्पादन अज्ञेय ने 1943 ई0 में किया था। प्रथम तार सप्तक के अन्तर्गत आने वाले कवि हैं -

(1) अज्ञेय (2) रामविलास शर्मा (3) गजानन माधव मुक्तिबोध (4) प्रभाकर माचवे 'बलवंत' (5) नेमिचन्द्र जैन (6) गिरिजा कुमार माथुर (7) भारतभूषण अग्रवाला नोट- दिया गया प्रश्न त्रुटिपूर्ण है। आयोग ने इसका उत्तर (c) माना है, जबकि दिये गये उत्तर में दो विकल्प (a, b) सही है क्योंकि प्रथम तार सप्तक को 'तार सप्तक' के नाम से भी जाना जाता है।

4. केशव को 'कठिन काव्य का प्रेत' किसने कहा?

Correct Answer: (c) राम चंद्र शुक्ल
Solution:केशव को 'कठिन काव्य का प्रेत' रामचंद्र शुक्ल ने कहा। आ० विश्वनाथ प्रसाद मिश्र, डॉ० नगेन्द्र और गणपति चन्द्र गुप्त विद्वानों ने केशवदास को हिन्दी में रीतिकाव्य का प्रवर्तक माना है। केशवदास की रचनाएँ हैं- रसिक प्रिया, रामचन्द्रिका, कविप्रिया, रतन बावनी, वीरसिंह देव चरित, विज्ञान गीता, जहाँगीर जस चन्द्रिका, नखशिख, छंदमाल

5. 'काव्यकला तथा अन्य निबंध' किस रचनाकार की पुस्तक है?

Correct Answer: (d) जयशंकर प्रसाद
Solution:'काव्यकला तथा अन्य निबंध' जयशंकर प्रसाद की पुस्तक है। प्रसाद छायावादकालीन कवि हैं। इनकी रचनाएँ हैं- उर्वशी, वन-मिलन, प्रेमराज्य, अयोध्या का उद्धार, शोकोच्छवास, वभ्रुवाहन, कानन कुसुम, प्रेम पथिक, महाराणा का महत्त्व, चित्राधार, झरना, आँसू, लहर, कामायनी ।

6. दिनकर को ज्ञानपीठ पुरस्कार किस रचना परमिला ?

Correct Answer: (b) उर्वशी
Solution:दिनकर को ज्ञानपीठ पुरस्कार 'उर्वशी' रचना पर मिला । रामधारी सिंह 'दिनकर' के काव्य में राष्ट्रीय सांस्कृतिक चेतना तथा प्रगतिवादी चेतना दोनों विद्यमान है। दिनकर को 'समय- सूर्य' तथा 'अधैर्य का कवि' भी कहा जाता है।

दिनकर की प्रमुख कृतियाँ हैं- (1) रेणुका (2) हुंकार (3) रसवंती (4) द्वंद्वगीत (5) कुरूक्षेत्र (6) सामधेनी (7) रश्मिरथी (8) नील कुसुम (9) दिल्ली (10) उर्वशी (11) परशुराम की प्रतीक्षा (12) आत्मा की आँखें (13) हारे के हरिनाम (14) धूप और धुँआ (15) नीम के पत्ते (16) इतिहास के आँसू

7. 'अरुण यह मधुमय देश हमारा' किस रचना का गीत है?

Correct Answer: (c) चन्द्रगुप्त
Solution:'अरुण यह मधुमय देश हमारा' चन्द्रगुप्त रचना का गीत है। 'चन्द्रगुप्त' प्रसाद द्वारा रचित नाटक है। 'अधिकार सुख कितना मादक और सारहीन होता है' यह संवाद प्रसाद जी के 'स्कंदगुप्त' नाटक का है।

प्रसाद के अन्य नाटक हैं-सज्जन, कल्याणी परिणय, करुणालय, प्रायश्चित, राज्य श्री, विशाख, अजातशत्रु, जनमेजय का नागयज्ञ, कामना, स्कन्दगुप्त, एक घूँट,चन्द्रगुप्त, ध्रुवस्वामिनी ।

8. असंगत का चयन कीजिए।

Correct Answer: (a) तितली - वृन्दावन लाल वर्मा
Solution:'तितली - वृन्दावन लाल वर्मा' असंगत है क्योंकि 'तितली' जयशंकर का उपन्यास है। प्रसाद के अन्य उपन्यास हैं- कंकाल, तितली, इरावती (अपूर्ण) । अन्य विकल्प 'रंगभूमि प्रेमचन्द्र, बूंद और समुद्र अमृतलाल नागर, टेढ़े-मेढ़े रास्ते भगवती चरण वर्मा' संगत हैं।

9. 'कछुआ धर्म' निबंधके लेखक कौनहैं?

Correct Answer: (b) चन्द्रधर शर्मा गुलेरी
Solution:'कछुवा धर्म' निबंध के लेखक चन्द्रधर शर्मा गुलेरी हैं। गुलेरी का एक अन्य निबंध 'मारेसि मोहि कुठाँव है। निबंधकार निबंध माधव प्रसाद मिश्र - (1) रामलीला (2) परीक्षा (3) धृति (4) क्षमा (5) सब मिट्टी हो गया। बाल मुकुन्द गुप्त - आत्माराम, शिव शम्भू का चिट्ठा । प्रताप नारायण मिश्र धोखा, दाँत, बालक, वृद्ध आप, बात, खुशमाद,भौ, नारी, मनोयोग, मुच्छ ।

10. रीतिकालीन किस कवि कोऋतु वर्णन का श्रेष्ठ कवि माना जाता है।

Correct Answer: (c) सेनापति
Solution:रीतिकालीन कवि 'सेनापति' को ऋतु वर्णन का श्रेष्ठ कवि माना जाता है। सेनापति का जन्म सन् 1589 ई0 के आस-पास माना जाता है। इनके गुरु का नाम 'हीरामणि दीक्षित' था। सेनापति द्वारा रचित दो ग्रंथ है- (1) कवित्त रत्नाकर (2) काव्य कल्पद्रुम ।